दावत के दौरान दो चचेरे भाइयों के हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस, ये हो सकती है बड़ी वजह
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दिवाकर का एक हफ्ते पहले ही एक युवती से दोस्ती को लेकर मोतीराम अड्डा के पास विवाद हुआ था। दिवाकर को बुरी तरह से पीटा भी गया था। जिस मुकेश पासवान के बुलाने पर दोनों भाई गए थे, उसकी उस गांव में रिश्तेदारी भी है। पुलिस एक-एक कड़ी जोड़ रही है। फिलहाल पुलिस को फरार मुकेश की तलाश है जो पूरी वारदात का एकलौता चश्मदीद है।
डीआईजी राजेश डी मोदक का कहना है कि पुलिस की टीमें अलग-अलग बिंदु पर काम कर रही हैं, जल्द ही घटना का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
कृष्णा के पिता राजेंद्र और माता दोनों की मौत हो चुकी है। वह बड़े भाई लाल बिहारी के साथ ही खेती का काम करता था। वह दो भाइयों में छोटा था। दिवाकर भी दो भाई है और वह बड़ा था। वहीं दिवाकर ने घर के व्यापार से हटकर खुद का व्यापार शुरू कर लिया था। व्यापार भी धीरे धीरे रफ्तार पकड़ रहा था।
परिवार के लोग सदमे में
कृष्णा और दिवाकर की मौत की खबर घर पहुंचते ही चीख पुकार मच गई। दोनों ही परिवारों में मातम छा गया था। वहीं घटना के बाद दिवाकर के पिता घटनास्थल पर भी पहुंचे थे। उन्होंने भी मोतीराम अड्डा में हुए विवाद की जानकारी पुलिस को दी है।