उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में पीयूष हत्याकांड को लेकर नाराज परिजन और ग्रामीण रविवार की सुबह सदर कोतवाली पहुंचे और एनएच 730 गोरखपुर फरेंदा हाईवे को जाम कर धरना पर बैठ गए। इस दौरान लोगों ने पुलिसकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। वहीं सड़क जाम की सूचना पाकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास करते रहे। वहीं साढ़े पांच घंटे के बाद आरोपी के बयान को पुलिस ने धरने पर बैठे लोगों को सुनाया तब जाकर जाम समाप्त हुआ। इसके बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
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पीयूष अपहरण हत्याकांड।
- फोटो : अमर उजाला।
बता दें कि रविवार को बांसपार गांव के टोला भुलनापुर निवासी मृतक के पिता दीपक गुप्ता, दादा मुराली लाल गुप्ता, दादी सुशीला समेत परिवार के अन्य सदस्य व ग्रामीण कोतवाली पहुंचे। इस दौरान सभी लोग पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से बात करने की मांग करने लगे। इसके बाद सभी ने हाईवे को जाम कर दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
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पीयूष अपहरण हत्याकांड।
- फोटो : अमर उजाला।
पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश यादव के साथ परिजन डीएम से मिलने गए। यहां लोगों से बातचीत के बाद आरोपी नाबालिग का बयान सुनाया गया। इसके बाद लोगों को भरोसा हुआ।
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पीयूष अपहरण हत्याकांड।
- फोटो : अमर उजाला।
डीएम से मिलने के बाद दोपहर में लोग आए और कोतवाली के सामने जाम लगाए हुए लोगों को आरोपी का बयान सुनाया। जिसके बाद जाम लगाए हुए लोगों को भरोसा हुआ कि हत्या आरोपी चाचा ने ही की है। इसके बाद जाम समाप्त हुआ।
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पीयूष अपहरण हत्याकांड।
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पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्ता ने कहा कि गहन जांच के बाद ही आरोपी को पकड़ा गया है। इसके अलावा सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जांच की जा रही है। मृत बालक के परिजन समझ नहीं पा रहे थे, उन्हें बयान सुनाया गया है। जिसके बाद लोगों को भरोसा हुआ और जाम समाप्त हो गया। आरोपी किशोर को बाल सुधार गृह भेजा जाएगा।