आज हम आपको उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की उस घटना के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके बाद पूरे जिले में सनसनी फैल गई थी। उस घटना के बाद हर किसी के मन में अपने बच्चों को लेकर भय पैदा हो गया था। यहां बदमाशों ने एक बच्चे का अपहरण कर उसे मौत के घाट उतारने के लिए सारी हदें पार कर दी थीं। बच्चे का शव देखकर परिवार के साथ-साथ अधिकारियों के भी आंसू नहीं थम रहे थे।
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बलराम अपहरण हत्याकांड (फाइल फोटो)।
- फोटो : अमर उजाला
घटना 26 जुलाई की है। जब जिले के पिपराइच थाना क्षेत्र के महाजन गुप्ता का 14 साल का बेटा बलराम घर के बाहर दोस्तों के साथ खेलने निकला था और वापस नहीं लौटा। दोपहर तीन बजे पिता महाजन के मोबाइल पर एक फोन आया जो अपहरणकर्ता का था। उसने महाजन को बताया कि बलराम का अपहरण कर लिया गया है। उसे छुड़ाने के लिए एक करोड़ रुपये का इंतजाम कर लो। रकम कब और कहां पहुंचानी है, इस बारे में बताया जाएगा।
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बलराम अपहरण हत्याकांड (फाइल फोटो)।
- फोटो : अमर उजाला
महाजन ने उस नंबर पर दोबारा फोन किया तो वह स्विचऑफ मिला था। महाजन को अपने बेटे के अपहरण की बात पर भरोसा नहीं हुआ, उन्होंने अपने बेटे की गांव में तलाश की। लेकिन कुछ पता नहीं चला। इसके बाद शाम पांच बजे पुलिस को सूचना दी गई थी। गुलरिहा, पिपराइच, सीओ चौरी चौरा, क्राइम ब्रांच और एसटीएफ की टीम ने गांव पहुंचकर लोगों से जानकारी जुटाने का प्रयास किया था।
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बलराम अपहरण हत्याकांड (फाइल फोटो)।
- फोटो : अमर उजाला
रात नौ बजे थे। जब आखिरी बार अपहरणकर्ताओं का फोन आया और बलराम के पिता महाजन ने बीस लाख रुपये देने की हामी भी भर दी थी। मगर, तब तक अपहरण करने वालों को संदेह हो गया था कि वे पकड़े जाएंगे और शायद इसी वजह से उन्होंने बलराम को मौत के घाट उतार दिया था। बता दें कि बलराम के अपहरण और हत्या में बदमाशों ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दी थीं।
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बलराम अपहरण हत्याकांड (फाइल फोटो)।
- फोटो : अमर उजाला
हत्या से पहले बलराम को यातना दी गई थीं। दोनों हाथ पीछे उठाकर तोड़ दिए गए थे। गर्दन भी टूटी थी। सिर को निर्ममता से कूंचा गया था। हत्या के बाद शव सीमेंट की बोरी में ठूंस दिया था। बोरी में डालने से पहले पैर को जोर देकर मोड़ा गया था। बलराम का शव एक नाले से बरामद किया गया था। शव बोरे से निकाला गया तो एक बार पुलिस, क्राइम ब्रांच और एसटीएफ के लोगों की रूह कांप गई थी। कइयों की आंखों से आंसू निकल आए थे।