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डॉक्टर की सलाह: गंभीर कोविड मरीजों के हृदय पर हो रहा है ज्यादा असर, ठीक होने के बाद भी सतर्क रहें ये रोगी
Sat, 22 May 2021 10:58 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 22 May 2021 10:58 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : istock
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कोरोना की दूसरी लहर में गंभीर कोविड मरीजों के हृदय पर खतरा अधिक है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 25 से 30 फीसदी मरीजों की मौत भी हार्ट अटैक से हुई है। इतना ही नहीं ठीक होने के बाद भी ऐसे मरीजों को हार्ट अटैक का खतरा है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर सलाह दे रहे हैं कि ठीक होने के बाद भी ऑक्सीजन लेवल चेक करते रहें और डॉक्टर से सलाह लेकर कुछ जरूरी जांच कराएं। ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ. आसिफ शकील ने बताया कि कोरोना के गंभीर मरीज के हार्ट पर असर की संभावना सबसे अधिक है। बताया कि एमआरआई स्कैन में यह जानकारी मिली है कि 60 फीसदी मरीज के हार्ट मसल्स पर कोविड की वजह से बुरा असर पड़ा है। बताया कि सीने में दर्द, ब्लड क्लॉटिंग की वजह से हार्ट अटैक की बातें सामने आ रही है।
हार्ट अटैक प्रतिकारात्मक
- फोटो : pixaby
कोरोना के गंभीर लक्षण वाले मरीज में हार्ट अटैक की संभावना अस्पताल से छुट्टी के 4-6 हफ़्तों के बीच कभी भी हो सकती है। ऐसे में पहला महीना सबसे ज्यादा अहम है। मरीज को डिस्चार्ज के बाद 4-6 हफ्ते तक ब्लड थिनर का इस्तेमाल करना चाहिए। बताया कि कोरोना से दिल की धड़कन तेज होने की भी दिक्कते देखने को मिल रही है। इसकी वजह से मरीज का हार्ट रिदम भी काफी तेज हो सकता है।
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
ठीक होने के बाद भी सतर्क रहे हार्ट रोगी
कोविड के मरीज ठीक हो जा रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी वह खुद के शरीर पर नजर रखें। अगर ठीक होने के बाद भी सांस लेने में दिक्कत हो (ब्रेथलेसनेस), सीने में दर्द की शिकायत (चेस्ट पेन), अचानक से दिल की धड़कन रह-रह कर तेज हो रही हो (पैल्पिटेशन) तो इसे नजर अंदाज न करें। तत्काल डॉक्टर से सलाह लें।
कोविड के मरीज ठीक हो जा रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी वह खुद के शरीर पर नजर रखें। अगर ठीक होने के बाद भी सांस लेने में दिक्कत हो (ब्रेथलेसनेस), सीने में दर्द की शिकायत (चेस्ट पेन), अचानक से दिल की धड़कन रह-रह कर तेज हो रही हो (पैल्पिटेशन) तो इसे नजर अंदाज न करें। तत्काल डॉक्टर से सलाह लें।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
हार्ट के मरीज ये जांच जरूर कराएं
डॉ. आसिफ शकील ने बताया कि वायरस सीधे दिल पर असर नहीं करता है। लेकिन अचानक सीआरपी और डी-डाइमर बढ़ने लगता हैं। ऐसी स्थिति में डी-डाइमर, सीबीसी- सीआरपी, आईएल-6 जैसे जांच सातवें और आठवें दिन करा सकते हैं।
डॉ. आसिफ शकील ने बताया कि वायरस सीधे दिल पर असर नहीं करता है। लेकिन अचानक सीआरपी और डी-डाइमर बढ़ने लगता हैं। ऐसी स्थिति में डी-डाइमर, सीबीसी- सीआरपी, आईएल-6 जैसे जांच सातवें और आठवें दिन करा सकते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
छह मिनट चलकर चेक करें ऑक्सीजन लेवल
डॉ. आसिफ शकील ने बताया कि कोरोना से जंग जीत चुके हार्ट के मरीज छह मिनट तक पैदल चलें। उनकी औसत रफ्तार आम आदमी की तरह होनी चाहिए। इसके बाद तत्काल ऑक्सीजन लेवल चेक करें। इस दौरान ऑक्सीजन लेवल नहीं गिरता है तो हार्ट और फेफड़े दोनों ठीक है। लेकिन अगर आप छह मिनट तक नहीं चल पा रहे हैं और चलने के बाद ऑक्सीजन लेवल नीचे गिर रहा है तो डॉक्टर से सलाह लें।
डॉ. आसिफ शकील ने बताया कि कोरोना से जंग जीत चुके हार्ट के मरीज छह मिनट तक पैदल चलें। उनकी औसत रफ्तार आम आदमी की तरह होनी चाहिए। इसके बाद तत्काल ऑक्सीजन लेवल चेक करें। इस दौरान ऑक्सीजन लेवल नहीं गिरता है तो हार्ट और फेफड़े दोनों ठीक है। लेकिन अगर आप छह मिनट तक नहीं चल पा रहे हैं और चलने के बाद ऑक्सीजन लेवल नीचे गिर रहा है तो डॉक्टर से सलाह लें।