इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) के सहयोग से भारत बॉयोटेक द्वारा बनाई गई कोवैक्सीन की 30 डोज ट्रायल के लिए राणा हॉस्पिटल में बृहस्पतिवार को पहुंच गई। अब अस्पताल में वालंटियरों का चयन किया जा रहा है। कुल 50 लोगों की जरूरत है और अभी तक 18 लोगों ने आवेदन किया है।
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गोरखपुर में कोरोना वायरस वैक्सीन ट्रायल: गोरखपुर राणा हॉस्पिटल।
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दरअसल, एक महीने पहले आइसीएमआर की सूचना आई थी कि देश के 12 सेंटरों पर इस स्वदेशी वैक्सीन का ट्रायल होगा, उसमें एक गोरखपुर का राणा हॉस्पिटल भी है। उसी वक्त से वैक्सीन के आने का इंतजार हो रहा था। वैक्सीन आने के बाद ट्रायल के लिए टीम तैयार की जा रही है। सहयोग के लिए वालंटियरों के चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
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गोरखपुर में कोरोना वायरस वैक्सीन ट्रायल
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अस्पताल के मैनेजर वेंकटेश ने बताया कि तीन-चार दिन के अंदर वालंटियरों का चयन कर लिया जाएगा। सारी तैयारी पूरी करने के बाद सप्ताह के अंदर ट्रायल शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ट्रायल में करीब एक महीना लग सकता है।
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गोरखपुर में कोरोना वायरस वैक्सीन ट्रायल
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12वीं उत्तीर्ण होने चाहिए वालंटियर
वालंटियरों का 12वीं उत्तीर्ण होना जरूरी है। वे हिंदी-अंग्रेजी में लिखना-पढ़ना जानते हों। चयन प्रक्रिया में उनसे वर्तमान या पूर्व में होने वाली बीमारियों के बारे में पूछा जाएगा। पूरी हिस्ट्री ली जाएगी, जिसके बाद मेडिकल चेकअप होगा।
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गोरखपुर में कोरोना वायरस वैक्सीन ट्रायल
- फोटो : सोशल मीडिया।
स्वस्थ लोगों पर ट्रायल किए जाएंगे
वैक्सीन के ट्रायल के लिए स्वस्थ लोगों की जरूरत है और जो अभी तक कोरोना संक्रमित नहीं हैं और न ही उनके भीतर एंटीबाॅडी बनी है। उन्हें वैक्सीन लगाई जाएगी। इसके बाद 15 से 18 दिन पूरे शहर में वे जहां चाहें रह सकते हैं। इसके बाद उनकी कोरोना जांच कराई जाएगी।