टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक हासिल कर देश का नाम रोशन करने वाले हरियाणा के पहलवान बजरंग पूनिया किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। फ्री स्टाइल कुश्ती में इस खिलाड़ी ने अपनी लगन और प्रतिभा के दम पर कुश्ती के अंतरराष्ट्रीय फलक पर देश का नाम रोशन किया है।
ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पूनिया के कोच बोले: 30 देशों में लड़ी कुश्ती, मगर नहीं देखा कोई टूरिस्ट स्पॉट
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भारतीय कुश्ती टीम के कोच और प्रो रेसलिंग लीग में पंजाब रॉयल्स के कोच चंद्रविजय सिंह ने बताया कि दो वर्षों से लगातार पंजाब की टीम प्रो रेसलिंग लीग में अच्छा प्रदर्शन कर रही है। खिलाड़ियों को कोचिंग देने के दौरान बजरंग पूनिया को करीब से जानने का मौका मिला।
कैंप में वे प्रतिदिन सुबह तीन से साढ़े तीन घंटे वार्मअप, जिम व स्प्रिंट करते हैं। उसके बाद शाम को मैट पर करीब तीन घंटे तक अभ्यास करते हैं। सुबह या शाम को इतने कड़े अभ्यास के बाद भी उनके चेहरे, शरीर या हाव-भाव पर कहीं भी थकान नहीं दिखता। रेलवे की ओर से खेलने वाले बजरंग ने वर्ष 2013 विश्व चैंपियनशिप के दौरान मुलाकात हुई थी। तब उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था। उस जीत के बाद उन्होंने पलटकर नहीं देखा।