कोरोना के बीच कैंसर के गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ गई है। महामारी से इलाज व जांच से दूर रहे मरीज सीधे तीसरे और चौथे स्टेज का कैंसर लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। ऐसे मरीजों की संख्या 70 प्रतिशत है। जबकि पहले ऐसे मरीजों की संख्या 40 से 50 प्रतिशत के आसपास थी। डॉक्टर इसे बेहद चिंताजनक मान रहे हैं।
गोरखपुर में बढ़ी कैंसर मरीजों की संख्या, जानिए क्या है बड़ी वजह
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हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर हॉस्पिटल के डॉ. अनुराग सिंह ने बताया कि कोरोना महामारी ने कैंसर मरीजों की मुसीबतों को बढ़ा दिया है। सही समय पर जांच और इलाज नहीं होने के कारण गंभीर मरीज अब इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे मरीजों की संख्या 70 प्रतिशत के आसपास है।
डॉ. अनुराग सिंह ने बताया कि अब अधिकतर मरीज तीसरे और चौथे स्टेज के आ रहे हैं। अगर सही समय पर यह मरीज अस्पताल आए होते तो इनका इलाज पहले चरण में शुरू हो जाता, जिससे इनकी बीमारी पर नियंत्रण करने में सहूलियत होती। काफी मरीजों के डायलिसिस में भी देरी हुई है।
डॉ. अनुराग ने बताया कि पहले चरण के कैंसर में अधिकतर मरीज ठीक हो जाते हैं, लेकिन तीसरे और चौथे चरण में लंबी दवा चलानी पड़ती है। ऐसे में मरीजों को काफी परेशान होना पड़ता है। मौजूदा समय में 200 से 250 मरीज ओपीडी में जांच के लिए आ रहे हैं। कोरोना से पूर्व यही संख्या 400 से 500 के बीच रहती थी। ऐसे में जो मरीज समय पर इलाज के लिए नहीं आ पा रहे हैं, उनके लिए यह बेहद खतरनाक है।
कोरोना संक्रमण की वजह से 20 से अधिक कैंसर मरीजों की मौत भी हो चुकी है। यही वजह है कि डॉक्टर कैंसर के मरीजों को संक्रमण से बचाव की सलाह दे रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि कैंसर मरीजों को अगर संक्रमण हो जाता है तो यह बेहद खतरनाक है।