गोरखपुर में ब्लैक फंगस के बढ़ते मामले के बीच इसके इलाज की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। इसे लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पोस्ट कोविड मरीजों के लिए पोस्ट कोविड वार्ड बनेगा। यह 54 बेड का होगा। इस वार्ड में ऑक्सीजन से लेकर अन्य इलाज की सुविधाएं मौजूद रहेंगी। इसमें कोविड संक्रमण से मुक्ति पा चुके मरीजों का ही इलाज होगा। साथ ही ब्लैक फंगस के मरीजों का भी इलाज किया जाएगा। कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने शुक्रवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। साथ ही ब्लैक फंगस के इलाज की व्यवस्था जल्द सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। इसके बाद ही मेडिकल कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. पवन प्रधान में बताया कि ओपीडी में ज्यादातर लोग ब्लैक फंगस के डर से आ रहे हैं। शुक्रवार को आए 15 मरीजों में सात ब्लैक फंगस की शिकायत लेकर आए थे। इनमें छह में कोई लक्षण नहीं थे। जबकि एक संदिग्ध लक्षण दिखने पर उसका सैंपल ले लिया गया है। जिसकी रिपोर्ट शनिवार को आएगी। इसके अलावा गुरुवार को लिए गए दो सैंपलों में एक की रिपोर्ट निगेटिव आई है। एक अन्य व्यक्ति का सैंपल दूसरी बार लिया गया है, जिसकी रिपोर्ट भी शुक्रवार को आ जाएगी। बीआरडी में ब्लैक फंगस के मरीजों का इलाज किया जाएगा। दवाओं की उपलब्धता भी हो गई है।
राहत की खबर: गोरखपुर में यहां होगा ब्लैक फंगस के मरीजों का इलाज, बनेगा 54 बेड पोस्ट कोविड वार्ड
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सीएमओ ने उपलब्ध कराई ब्लैक फंगस की दवा
सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि ब्लैक फंगस की रोकथाम के लिए सरकार गंभीर है। बीआरडी में इसका इलाज शुरू कर दिया गया है। ब्लैक फंगस की दवा बीआरडी को शुक्रवार को उपलब्ध कराई गई है। यह दवाएं शासन से मिली थी। जरूरत पड़ने पर अन्य दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
बीआरडी में ब्लैक फंगस के आठ संदिग्ध भर्ती
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के लिए ओपीडी शुरू हो गई है। बीते दो दिनों में 27 मरीज इलाज के लिए ओपीडी में पहुंचे हैं। इनमें आठ संदिग्ध हैं। इनमें आठ मरीजों को मेडिकल कॉलेज के वार्ड नंबर सात में भर्ती किया गया है, जहां जनरल सर्जरी, नेत्र रोग विभाग और ईएनटी की टीम इलाज कर रही है। ज्यादातर के आंखों में संक्रमण की शिकायतें हैं। नेत्र रोग विभाग के डॉ. रामयश यादव की अगुवाई में डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। डॉक्टरों की टीम ने कुछ मरीजों के ऑपरेशन के लिए भी चिह्नित किया है।
सभी जिलों में ब्लैक फंगस के इलाज के लिए शुरू होगी ओपीडी : कमिश्नर
गोरखपुर जिले के नोडल अधिकारी व कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने कहा कि मंडल के सभी जिलों में ब्लैक फंगस के इलाज के लिए ओपीडी शुरू कराई जाएगी। इसकी जिम्मेदारी एडी हेल्थ को दी गई है। कमिश्नर ने मेडिकल कॉलेज वार्ड नंबर 12 में चल रहे पोस्ट कोविड ओपीडी, आईपीडी एवं ब्लैक फंगस ओपीडी का भी निरीक्षण किया। साथ ही कहा कि जिलों के पैथोलाजिस्ट को ब्लैक फंगस की जांच के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलाजी विभाग में प्रशिक्षित किया जाए। इस दौरान प्रभारी प्राचार्य डॉ. पवन प्रधान, एडी हेल्थ डॉ. रमेश गोयल, डॉ. राजकिशोर सिंह, डॉ. माहिम मित्तल आदि मौजूद रहे।
ह्वाइट फंगस ब्लैक फंगस को लेकर सतर्कता
पोस्ट कोविड मरीजों में ब्लैक फंगस के मामले बाद अब ह्वाइट फंगस के मामले सामने आने लगे हैं। डॉक्टर से ब्लैक फंगस से ज्यादा खतरनारक बता रहे हैं। इसका संक्रमण शरीर के सभी अंगों पर होता है। हालांकि अब जिले में इस बीमारी का कोई मामला सामने नहीं आया है। लेकिन पटना में मामले आने के बाद इसे लेकर लोगों को सतर्कता बढ़ा दी गई है।