1985 बैच के आईपीएस अधिकारी एसएन श्रीवास्तव को दिल्ली के नए पुलिस आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। एसएन श्रीवास्तव अमूल्य पटनायक की जगह लेंगे। श्रीवास्तव एक मार्च से कार्यभार संभालेंगे। अमूल्य पटनायक 29 फरवरी को रिटायर हो रहे हैं। गृह मंत्रालय ने बीती रात उनके नाम पर मुहर लगा दी। दिल्ली में हिंसा के बीच उनकी तैनाती विशेष पुलिस आयुक्त (लॉ एंड ऑर्डर) के पद पर की गई थी। जानिए कौन हैं एसएन श्रीवास्तव।
जानिए कौन हैं एसएन श्रीवास्तव जिन्हें मिला दिल्ली पुलिस आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार
दिल्ली में हिंसा के बीच मंगलवार को सच्चिदानंद श्रीवास्तव (एसएन श्रीवास्तव) को अचानक उनके मूल कैडर में वापस बुला लिया गया। श्रीवास्तव एजीएमयूटी कैडर के 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वह सीआरपीएफ मुख्यालय दिल्ली डीजी (प्रशिक्षण) के पद पर थे। गृह मंत्रालय ने उन्हें तुरंत रिलीव करने का आदेश मंगलवार को जारी कर दिया था। बी.टेक और एलएलबी की डिग्री हासिल करने वाले श्रीवास्तव अगले साल जून में रिटायर होने वाले हैं।
वर्तमान पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक 29 फरवरी को रिटायर हो रहे हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अमूल्य पटनायक को एक महीने का विस्तार दिया गया था। एसएन श्रीवास्तव अभी तक दिल्ली सीआरपीएफ मुख्यालय में डीजी (ट्रेनिंग) के पद पर थे। सीआरपीएफ में उनका कार्यकाल 30 जून, 2021 तक था। वह सीआरपीएफ में प्रति नियुक्ति पर थे। एसएन श्रीवास्तव के कार्यकाल में दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने आईपीएल मैच फिक्सिंग का खुलासा किया था। उस समय वह स्पेशल सेल में विशेष पुलिस आयुक्त थे। वह कठिन परिस्थितियों में तुरंत निर्णय लेने में कुशल माने जाते हैं।
उन्हें जम्मू कश्मीर में एडीजी, पश्चिमी क्षेत्र (सीआरपीएफ) रहते हुए गृह युद्ध जैसी स्थितियों ने निपटने का लंबा अनुभव है। उन्हें घाटी में ऑपरेशन ऑल आउट के दौरान सेना के साथ काम करने के लिए जाना जाता है। श्रीवास्तव को कश्मीर में आतंक के खात्मे का काम सौंपा गया था। 2017 में श्रीवास्तव के साथ मिलकर सीआरपीएफ ने दक्षिण कश्मीर में कई आतंक विरोधी ऑपरेशन चलाए थे। इनमें से एक ऑपरेशन ऑल आउट में हिज्बुल के कई टॉप कमांडर्स का एनकाउंटर हुआ था। माना जा रहा है कि उनके अनुभवों को ध्यान में रखते हुए दिल्ली में हिंसा को काबू करने के लिए उनकी तैनाती की गई।
दिल्ली में स्पेशल सेल ने उनकी अगुवाई में कई आतंकियों को दबोचा था। इंडियन मुजाहिदीन को खत्म करने का श्रेय भी एसएन श्रीवास्तव को जाता है। वह दिल्ली में फिलहाल सबसे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हैं और उनका नाम पुलिस आयुक्त की दौड़ में कुछ समय से चल भी रहा था।