पहले बड़खल मोड़ स्थित गेस्ट हाउस और फिर रिश्तेदार के घर, पुलिस दोनों ही जगह चंद मिनटों की देरी से पहुंची। यदि 15 मिनट पहले भी पुलिस इंद्रा कांप्लेक्स स्थित अंकुर मिश्रा के घर पहुंच जाती तो पुलिस की वहां विकास से मुठभेड़ हो जाती और वो पुलिस के चंगुल में होता। दोनों ही स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने पर पुलिस को पता चला कि विकास दुबे पुलिस के पहुंचने से कुछ देर पहले तक वहीं था।
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सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने पर पुलिस को पता चला कि विकास दुबे पुलिस के पहुंचने से कुछ देर पहले तक वहीं था
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कानपुर के बिकरू गांव में डीएसपी समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोपी विकास दुबे हर बार पुलिस से एक कदम आगे रहा। पुलिस सूत्रों के अनुसार विकास दुबे अपने दोनों बॉडी गार्ड प्रभात और अमर के साथ 5 जुलाई को फरीदाबाद आया था।
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vikas dubey
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फरीदाबाद पुलिस को इसकी भनक लगी तो 7 जुलाई को दोपहर करीब 1 बजे क्राइम ब्रांच की टीमों ने वहां घेराबंदी की, मगर पुलिस को वहां कुछ नहीं मिला। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि कुछ मिनट पहले ही विकास और प्रभात वहां से निकल कर जा चुके थे। पुलिस ने अंकुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पता चला कि विकास दुबे दो दिनों से शहर में ही था और आज दिन में यहां से निकल गया।
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अंकुर मिश्रा के घर के बाहर खड़ी पुलिस
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पूछताछ के दौरान ही पुलिस को पता चला कि विकास और प्रभात दोबारा अंकुर के घर छिपाए गए हथियार उठाने के लिए आ रहे हैं। इस पर 3.30 बजे के आसपास पुलिस दोबारा वहां पहुंची तो उनकी प्रभात के साथ मुठभेड़ हो गई, जिसके बाद पुलिस ने उसे धर दबोचा। प्रभात से पूछताछ के दौरान पता चला कि विकास दुबे भी उसके साथ था, मगर वह अंकुर के घर नहीं आया और बाहर सड़क पर ही रुक गया था।
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सरगर्मी से तलाश
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इस पर पुलिस ने अंकुर के घर के बाहर चौक पर स्थित बीकानेर मिष्ठान भंडार के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी तो पता चला कि 7 जुलाई दोपहर करीब 3.13 मिनट पर विकास दुबे दुकान के बाहर खड़ा था। करीब 10 मिनट वह वहां रहा और उसके बाद ऑटो पकड़ कर निकल गया। विकास दुबे की तलाश में पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश दी, मगर उसका कुछ पता नहीं चला।