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दिल्ली: संरक्षण कार्यों के बीच कई धरोहरों के दरवाजे बंद, आरटीआई में सामने आई जानकारी
Sun, 13 Sep 2026 07:41 AM IST
Vijay Singh Pundir
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Vijay Singh Pundir
Updated Sun, 13 Sep 2026 07:41 AM IST
सार
आरटीआई के मुताबिक हौज खास और कोटला फिरोज शाह परिसर में संरचनात्मक मरम्मत का काम चल रहा है। तुगलकाबाद किले और गयासुद्दीन तुगलक के मकबरे में पर्यटक सुविधाओं को बेहतर किया जा रहा है। लाल किले के लाहौर गेट पर कुएं वाले क्षेत्र का संरक्षण किया जा रहा है।
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लाल किला
- फोटो : ANI
विस्तार
ऐतिहासिक धरोहरों को संवारने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की ओर से संरक्षण, मरम्मत और पर्यटक सुविधाओं से जुड़े कार्य कराए जा रहे हैं। इन कार्यों के चलते राजधानी के कई प्रमुख स्मारकों में पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
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हौज खास, जंतर-मंतर और अग्रसेन की बावली समेत कई धरोहरों के कुछ हिस्सों में प्रवेश रोक दिया गया है। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मिले जवाब में सामने आया है कि दिल्ली के 10 स्मारकों में संरक्षण कार्य चल रहे हैं।
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आरटीआई के मुताबिक हौज खास और कोटला फिरोज शाह परिसर में संरचनात्मक मरम्मत का काम चल रहा है। तुगलकाबाद किले और गयासुद्दीन तुगलक के मकबरे में पर्यटक सुविधाओं को बेहतर किया जा रहा है। कुतुब मीनार परिसर में भी आगंतुकों की सुविधा से जुड़े सुधार कार्य जारी हैं। सलीमगढ़ किले में सिग्नल रेजिमेंट बिल्डिंग ब्लॉक की मरम्मत तथा लाल किले के लाहौर गेट पर कुएं वाले क्षेत्र का संरक्षण किया जा रहा है।
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लाल किले की छह इमारतें पर्यटकों से दूर
लाल किले के हमाम, मोती मस्जिद, दीवान-ए-खास, खास महल, रंग महल और शीश महल में भी प्रवेश प्रतिबंधित है। ये सभी मुगलकालीन स्थापत्य के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। हमाम शाही स्नानघर था, जबकि मोती मस्जिद औरंगजेब ने निजी उपयोग के लिए बनवाई थी। दीवान-ए-खास शाही मुलाकातों का प्रमुख स्थल था। खास महल और रंग महल शाही आवासीय परिसर का हिस्सा थे। हमाम और मोती मस्जिद लंबे समय से बंद हैं। नाजुक संगमरमर की कारीगरी और नक्काशी को भीड़ से नुकसान की आशंका के कारण यहां प्रवेश सीमित किया गया है।
कुतुब मीनार के अंदरूनी हिस्से में भी प्रवेश बंद
कुतुब मीनार परिसर में हिंदू अवशेष कॉरिडोर की पहली मंजिल, जमाली-कमाली का मकबरा और मीनार का अंदरूनी हिस्सा पर्यटकों के लिए बंद है। कुतुब मीनार के भीतर प्रवेश 1981 की भगदड़ के बाद बंद किया गया था। सफदरजंग के मकबरे में मस्जिद और उससे जुड़ी कोठरियों की मरम्मत, जबकि हुमायूं के मकबरे में पर्यटक सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम जारी है