उस काली घनी आधी रात को बिकरू गांव में सन्नाटा और अंधेरा चारों ओर पसरा हुआ था। जैसे ही बदमाशों द्वारा सड़क पर लगाई गई जेसीबी को पार कर हिस्ट्रीशीटर विकास के घर के पिछले हिस्से के निकट पहुंचे तो फायरिंग शुरू हो गई। ये फायर कहां से आ रहे थे, कुछ समझ नहीं आ रहा था। लगा जैसे मौत ने एक साथ तीन तरफ से धावा बोला है। ये शब्द, कानपुर कांड में गंभीर रूप से घायल हुए डिबाई निवासी सिपाही अजय कुमार कश्यप ने बातचीत में कहे। आगे पढ़ें कैसे घायल होने के बाद भी कांस्टेबल अजय चलाते रहे एके 47 किया बदमाशों का सामना...
Kanpur Encounter: घायल सिपाही ने बताई आपबीती, बोला-खौफनाक था मंजर, तीन तरफ से बरस रही थी मौत
विकास वत्स, अमर उजाला, बुलंदशहर
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Wed, 08 Jul 2020 05:40 PM IST
सार
- कानपुर मुठभेड़ में घायल प्रत्यक्षदर्शी सिपाही ने सुनाई रोंगटे खड़े कर देने वाली दास्तां
- हाथ और पैर में लगी थी गोली, टूटे हाथ से एके-47 पकड़ कर करता रहा था फायरिंग
- बताया, वारदात के दौरान अंधेरे के कारण आरोपी छतों पर नहीं आ रहा था कुछ नजर
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