दक्षिण-पूर्व दिल्ली के कालकाजी मंदिर परिसर में प्रसाद में चुनरी नहीं देने पर सेवादार की हत्या दोपहर में झगड़े में हुई पिटाई से आहत होकर बदले में की गई है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि शुक्रवार को दिन में मोहन उर्फ भूरा (19) मंदिर गया था।
दर्शन के बाद उसने चुनरी मांगी तो सेवादारों के इन्कार कर दिया। जोर देने पर सेवादार झगड़ा करने लगे और उसे पीटा भी। पुलिस उपायुक्त डॉ. हेमंत तिवारी ने बताया कि चार हत्यारोपियों समेत पांच लोग गिरफ्तार कर लिया है जबकि वारदात में शामिल रोहित, संदीप, काला और बॉबी की तलाश जारी है।
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सीसीटीवी में कैद घटना
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपियों ने बताया कि सेवादारों से हुए झगड़े में मारपीट के बाद मोहन वहां से चला गया। रात को वह 8-9 लड़कों के साथ मंदिर पहुंचा और सुबह हुए झगड़े में शामिल रहे एक सेवादार योगेंद्र सिंह को मंदिर की धर्मशाला की ओर जाते हुए देखा। आरोपी उसके पीछे धर्मशाला पहुंचे और योगेंद्र को पकड़ लिया।
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सीसीटीवी में कैद घटना
- फोटो : अमर उजाला
सभी आरोपी उसे घसीटते हुए मंदिर के रास्ते पर ले गए। वहां लाठी-डंडों से बुरी तरह योगेंद्र को पीटना शुरू कर दिया। चीखने-चिल्लाने पर भी उसे कोई बचाने नहीं आया। पिटाई के दौरान योगेंद्र के अचेत होने के बाद भी आरोपी उसे पीटते रहे।
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सेवादार योगेंद्र सिंह की फाइल फोटो और सीसीटीवी में कैद घटना
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस सूत्रों का कहना है कि लाठी-डंडों की पिटाई की वजह से योगेंद्र के शरीर में कई फ्रैक्चर मिले हैं। आरोपियों के इस बयान पर पुलिस यकीन नहीं कर रही है। इसके लिए सीसीटीवी फुटेज से मामले की छानबीन कर रही है।
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सीसीटीवी में कैद घटना
- फोटो : अमर उजाला
वारदात के कुछ घंटे बाद पुलिस ने चार आरोपियों मोहन उर्फ भूरा, अतुल पांडेय, कुलदीप बिधूड़ी और नितिन को गिरफ्तार कर लिया था। नितिन के पिता को पुलिस ने आरोपियों की मदद करने और उससे शरण देने के मामले में दबोचा है।