दिल्ली के कालकाजी मंदिर के सेवादार योगेंद्र सिंह की हत्या ने न केवल एक परिवार का सहारा छीन लिया, बल्कि उन उम्मीदों को भी तोड़ दिया जिन्हें वे पिछले कई वर्षों से संजोए हुए थे। हरदोई (उत्तर प्रदेश) से दिल्ली आए योगेंद्र करीब 15 साल से मंदिर में सेवा कर रहे थे। मामूली वेतन के बावजूद वे परिवार की जरूरतों को पूरा करते और अपने दोनों बच्चों के लिए उज्जवल भविष्य का सपना देखते।
बड़े भाई कौशल सिंह ने रोते हुए बताया कि भाई का एक ही सपना था कि बच्चे पढ़-लिखकर हम सबसे आगे निकलें। घर में चाहे कितनी भी तंगी क्यों न हो, उसने बच्चों की पढ़ाई कभी नहीं रुकने दी।
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सेवादार योगेंद्र सिंह की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
योगेंद्र की पत्नी अब अकेलेपन और असमंजस में है। घर के मासूम बच्चे 8 साल का कृष्णा और 6 साल की परी बार-बार पूछ रहे हैं, पापा कब आएंगे?
परिवार के पास इन सवालों का कोई जवाब नहीं है। दरअसल, कालकाजी मंदिर में प्रसाद के रूप में चुन्नी को लेकर हुए विवाद ने इस समर्पित सेवादार की जिंदगी ले ली।
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सीसीटीवी में कैद घटना
- फोटो : अमर उजाला
परिवार के सपने, बच्चों की पढ़ाई और भविष्य सब अधर में लटक गए हैं। अब परिवार यही मांग कर रहा है कि सरकार न सिर्फ दोषियों को सख्त सजा दे, बल्कि परिवार और बच्चों की शिक्षा का जिम्मा भी उठाए।
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सेवादार योगेंद्र सिंह की फाइल फोटो और सीसीटीवी में कैद घटना
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली में प्रसाद में चुनरी न देने पर कालकाजी मंदिर के सेवादार की पीट-पीटकर हत्या
दिल्ली के कालकाजी मंदिर में शुक्रवार रात दर्शन के लिए आए 10-15 युवकों ने प्रसाद के रूप में चुन्नी न देने पर सेवादार की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी। वारदात मंदिर परिसर में धर्मशाला के नजदीक हुई। आरोपियों ने धर्मशाला के पास सेवादार योगेंद्र सिंह (35) को घेर लिया और तब तक पीटा जब तक कि उसने दम नहीं तोड़ दिया। पुलिस ने मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
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सीसीटीवी में कैद घटना
- फोटो : अमर उजाला
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त डॉ. हेमंत तिवारी ने बताया कि मूलतः यूपी के हरदोई जिले के फत्तेपुर का योगेंद्र पिछले 15 वर्षों से कालकाजी मंदिर परिसर में मुकेश पंडित के पास सेवादारी कर रहा था। वारदात के बाद एक आरोपी को लोगों ने पकड़ लिया। बाद में पुलिस को खबर दी गई।