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नोएडा सेक्टर 11: डेढ़ घंटे तक चली जिंदगी की तलाश, नहीं बच पाई मलबे में दबे लोगों की जान

Sat, 01 Aug 2020 02:58 PM IST
प्राची प्रियम गौरव शर्मा, नोएडा
गौरव शर्मा, नोएडा Published by: प्राची प्रियम Updated Sat, 01 Aug 2020 02:58 PM IST
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Under construction building collapses in Noida sector 11 many died and injured
नोएडा सेक्टर 11 में गिरी निर्माणाधीन इमारत - फोटो : अमर उजाला
दिन शुक्रवार, शाम करीब सवा 6 बजे का वक्त। नोएडा सेक्टर 11 स्थित शिक्त टेकभनो फेब प्रोडक्ट के तीसरे माले पर निर्माण कार्य चल रहा था। निर्माण के लिए विभिन्न मालों पर लकड़ी की बल्ली और गार्डर के सपोर्टर खड़े कर दिए थे। धीरे-धीरे घड़ी की सुई आगे बढ़ी और मजदूर उतनी ही शिद्दत से काम पर लगे रहे। जैसे ही घड़ी साढ़े 6 और पौने 7 बजे के बीच पहुंची, इस फैक्ट्री में तेजी से बल्ली, गार्डर और तमाम मलबे भरभराकर गिर गए।


 
Under construction building collapses in Noida sector 11 many died and injured
नोएडा सेक्टर 11 में गिरी निर्माणाधीन इमारत - फोटो : अमर उजाला
मौके पर चीख-पुकार मच गई। लोग बचाओ-बचाओ की आवाज देने लगे। आसपास के लोग फैक्ट्री की ओर दौड़ने लगे। पुलिस को सूचना दे दी गई। मलबों में दबे लोगों को ढूंढना शुरू कर दिया गया। सबकुछ बेहद तेजी से हो रही थी। लेकिन जो मलबे में दबे थे, उनके लिए यह तेजी भी कमजोर होती सांसों को थामने में नाकाम रही। 

 
Under construction building collapses in Noida sector 11 many died and injured
नोएडा सेक्टर 11 में गिरी निर्माणाधीन इमारत - फोटो : अमर उजाला
दो ने मलबे के नीचे दबकर ही दम तोड़ दिया। निर्माण कार्य देख रही फैक्ट्री मालिक मौके पर मौजूद थी। वह होशोहवास खो चुकी थी। यह कहानी उन्होंने बयां की जो घटना के दौरान आसपास मौजूद थे। हालांकि प्रशासन ने सभी को तेजी दिखाते हुए एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचा दिया। जिला अस्पताल के इमरजेंसी में तैनात कर्मी ने बताया कि जबतक मजदूरों को अस्पताल लाया गया। तबतक  गोपी और जेंनेंद्र की मौत हो चुकी थी। 

प्रथम दृष्टया मौत दम घुटने से ही हुई है। हालांकि गोपी और जेनेंद्र केशव को पोस्टमार्टम के लिए सेक्टर 94 भेज दिया गया है। विस्तृत जांच और कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही तय है। वहीं, एक मजदूर सागर के सिर और पैर में गंभीर चोंट हैं। उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया है। आशु का ईलाज जिला अस्पताल में ही चल रहा है।

 
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Under construction building collapses in Noida sector 11 many died and injured
नोएडा सेक्टर 11 में गिरी निर्माणाधीन इमारत - फोटो : अमर उजाला
ऑक्सीजन मिलने लगे, पहले गर्दन निकाली
करीब पौने सात बजे की घटना में राहत दल से मदद मिलने में करीब डेढ़ घंटे का वक्त लग गया। राहत दल में जुटे एक कर्मी ने बताया कि करीब साढ़े 7 बजे बिल्डिंग के अगले हिस्से में  लकड़ी की बल्ली, लोहे के गार्डर, मिट्टी का ढेर पड़ा हुआ था। जहां व्यक्ति के दबे होने का संदेह हुआ। तत्काल मलबा हटाकर लोगों को खोजना शुरू कर दिया। 

एक मजदूर के दबे होने का अहसास होने पर काफी देर तक कड़ी मशक्कत के बाद उसका गर्दन तक का हिस्सा निकाला। ऐसा इसलिए किया, ताकि उसे सांस आने लगे। उसके बाद धड़ तक मिट्टी हटाने में आधा घंटे का वक्त लग गया। 

 
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Under construction building collapses in Noida sector 11 many died and injured
नोएडा सेक्टर 11 में गिरी निर्माणाधीन इमारत - फोटो : अमर उजाला
काफी देर में शरीर का पूरा हिस्सा निकाला गया। बताया गया है कि हादसा करीब पौने सात बजे हुआ। लेकिन मलबे के नीचे दबी सांसों को मदद मिलने में करीब डेढ़ घंटे का वक्त लग गया। जब तक राहत कार्य शुरू हुआ, तबतक उन्होंने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। 

 
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