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खाली सरकारी इमारतों में बनेंगे छात्रावास: जरूरत का आकलन करने के लिए बनेगी कमेटी, असुरक्षित पीजी पर भी होगी नजर

Thu, 10 Sep 2026 03:45 PM IST
Akash Dubey आदित्य पाण्डेय, नई दिल्ली
आदित्य पाण्डेय, नई दिल्ली Published by: Akash Dubey Updated Thu, 10 Sep 2026 03:45 PM IST
सार

सत्य निकेतन हादसे के बाद उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने छात्र आवास-सुरक्षा पर एक समिति को मंजूरी दी। शिक्षा मंत्री अशिष सूद की अध्यक्षता में यह समिति हॉस्टल की मांग, सरकारी संपत्तियों के उपयोग और सुरक्षा उपाय सुझाएगी।

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Hostels to be set up in vacant government buildings Committee formed to assess requirements
मंत्री आशीष सूद - फोटो : X/@ashishsood_bjp

विस्तार

सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के बाद दिल्ली में छात्रों के लिए सुरक्षित और पर्याप्त आवास की व्यवस्था करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने छात्र आवास और सुरक्षा को लेकर 18 सदस्यीय हाई-पावर कमेटी के गठन को मंजूरी दे दी है। शिक्षा मंत्री अशिष सूद की अध्यक्षता वाली यह कमेटी दिल्ली में छात्र हॉस्टल की मांग और उपलब्धता के बीच अंतर का आकलन करेगी। साथ ही खाली और अनुपयोगी डीडीए संपत्तियों समेत अन्य सरकारी इमारतों को छात्र आवास के तौर पर इस्तेमाल करने की संभावना तलाशेगी। असुरक्षित पीजी, ओवरक्राउडिंग और आग जैसे खतरों की शिकायत के लिए केंद्रीय डिजिटल निगरानी व्यवस्था बनाने का सुझाव भी कमेटी देगी।

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सत्य निकेतन हादसे के बाद 7 सितंबर को हुई बैठक में एलजी ने शिक्षा मंत्री के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों की कमेटी बनाने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत बृहस्पतिवार को हाई-पावर कमेटी का गठन किया गया। इसमें दिल्ली सरकार के शीर्ष अधिकारियों के साथ एमसीडी, एनडीएमसी, डीडीए, दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस और दिल्ली के चार प्रमुख विश्वविद्यालयों को शामिल किया गया है। इसका मकसद छात्र आवास को लेकर अलग-अलग एजेंसियों में चल रहे काम को एक व्यवस्था के तहत लाना और सुरक्षा से जुड़े मामलों पर समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

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खाली सरकारी इमारतों में हॉस्टल की तलाश
कमेटी दिल्ली में छात्रों के लिए उपलब्ध हॉस्टल और उनकी वास्तविक जरूरत का आकलन करेगी। इसके बाद विश्वविद्यालयों, एमसीडी, डीडीए और दूसरी सरकारी एजेंसियों के जरिए नए हॉस्टल बनाने या मौजूदा व्यवस्था का विस्तार करने की संभावनाएं देखी जाएंगी। खास तौर पर खाली या कम इस्तेमाल हो रही डीडीए की आवासीय संपत्तियों और दूसरी उपयुक्त सरकारी जमीन-इमारतों को छात्र आवास के लिए इस्तेमाल करने की व्यवहारिकता जांची जाएगी। इसके लिए संबंधित नियमों के तहत उपलब्ध विकल्प तलाशे जाएंगे।

असुरक्षित पीजी की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई
छात्रों को असुरक्षित आवास की शिकायत के लिए अलग-अलग विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए केंद्रीय डिजिटल निगरानी व्यवस्था बनाने का सुझाव दिया जाएगा। इसमें छात्र असुरक्षित इमारत, ओवरक्राउडिंग, आग से जुड़े खतरे या दूसरी गंभीर सुरक्षा समस्या की जानकारी दे सकेंगे। शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई की व्यवस्था के साथ छात्र आवास की केंद्रीय जानकारी का डाटाबेस तैयार करने का भी प्रस्ताव है। इसमें संस्थागत हॉस्टल और नियमों के तहत पंजीकृत पीजी को शामिल किया जा सकता है।

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हॉस्टल में तय होंगे निकासी और आपदा से बचाव के नियम
कमेटी छात्र आवास के लिए आपातकालीन निकासी और आपदा प्रबंधन के मानक तय करने की सिफारिश करेगी। हॉस्टल, पीजी संचालकों, वार्डन और विश्वविद्यालय अधिकारियों के लिए नियमित अग्नि और आपदा मॉक ड्रिल कराने तथा छात्रों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की व्यवस्था भी सुझाई जाएगी। इसका उद्देश्य हादसे की स्थिति में छात्रों को सुरक्षित निकालने और आपात स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।

चार बड़े विश्वविद्यालय भी कमेटी में
दिल्ली विश्वविद्यालय, गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली और एनएसयूटी के कुलपति कमेटी के सदस्य होंगे। इससे विश्वविद्यालयों के स्तर पर हॉस्टल की मौजूदा क्षमता, छात्रों की जरूरत और नए आवास विकसित करने की संभावनाओं का आकलन सीधे कमेटी के स्तर पर किया जा सकेगा।

60 दिन में रिपोर्ट देगी कमेटी
कमेटी को अपनी सिफारिशें 60 दिन के भीतर देनी हैं। जरूरत पड़ने पर कमेटी किसी अन्य अधिकारी, विभाग, एजेंसी, तकनीकी विशेषज्ञ या संस्थागत प्रतिनिधि को भी शामिल कर सकेगी। कमेटी को नीति तय करने, विभागों के बीच समन्वय और छात्र आवास से जुड़े सुरक्षा उपायों की निगरानी की व्यापक जिम्मेदारी दी गई है।

18 सदस्यीय हाई-पावर कमेटी ये होंगे शामिल 
शिक्षा मंत्री, दिल्ली सरकार — अध्यक्ष
मुख्य सचिव, दिल्ली सरकार — सदस्य
पुलिस आयुक्त — सदस्य
एनडीएमसी अध्यक्ष — सदस्य
एमसीडी आयुक्त — सदस्य

डीडीए उपाध्यक्ष — सदस्य
प्रधान सचिव/सचिव, गृह — सदस्य
प्रधान सचिव/सचिव, राजस्व — सदस्य
प्रधान सचिव/सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण — सदस्य
प्रधान सचिव/सचिव, शहरी विकास — सदस्य
प्रधान सचिव/सचिव, कानून — सदस्य

प्रधान सचिव/सचिव, पीडब्ल्यूडी — सदस्य
मुख्य अग्निशमन अधिकारी, दिल्ली फायर सर्विस — सदस्य
कुलपति, दिल्ली विश्वविद्यालय — सदस्य
कुलपति, गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय — सदस्य
कुलपति, डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली — सदस्य
कुलपति, एनएसयूटी — सदस्य
प्रधान सचिव/सचिव, शिक्षा — सदस्य सचिव

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