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स्वामी चिन्मयानंद के वकील बोले- 'दबाव में छात्रा ने वायरल किया वीडियो', देखें घटनाक्रम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाहजहांपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 01 Sep 2019 02:24 PM IST
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स्वामी चिन्मयानंद के अधिवक्ता ओम सिंह ने बताया कि छात्रा को कॉलेज में पढ़ते हुए सात वर्ष हो गए। इस दौरान न तो उसे कॉलेज प्रबंधन से कोई शिकायत हुई और न ही कॉलेज प्रबंधन को छात्रा के बारे में कोई शिकायत मिली। यदि छात्रा को कोई शिकायत होती तो वह महिला प्रोफेसर से अपनी शिकायत कर सकती थी। उसने ऐसा भी नहीं किया। उन्होंने कहा कि कॉलेज प्रबंधन को छात्रा से पूरी सहानुभूति है। ऐसा लग रहा है कि छात्रा किन्हीं षड्यंत्रकारियों के चंगुल में फंस गई और इन्हीं के दबाव में आकर उसने ऐसा किया है। इस मामले में सत्यता क्या है यह छात्रा के कोर्ट में बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
छात्रा के दोस्त संजय के घर लगा ताला
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राजस्थान में छात्रा के साथ मिले संजय नाम के युवक के घर ताला लगा है। पुलिस के दबाव के चलते उसके परिवार के साथ ही नजदीकी रिश्तेदार भी इधर-उधर ठिकाना बदलकर रह रहे हैं कि कहीं पुलिस उनको न उठा ले। एक रिश्तेदार ने जानकारी दी कि संजय अभी पुलिस की कस्टडी में है। पुलिस सूत्रों की मानें तो एसटीएफ पांच करोड़ की रंगदारी मामले में मॉनिटरिंग कर रही है। उसने भी छात्रा के साथ मिले संजय नाम के युवक से पूछताछ की है।
स्वामी चिन्मयानंद के मौन व्रत तोड़ने का समर्थकों को भी इंतजार
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- फोटो : सोशल मीडिया
छात्रा के अपहरण के आरोप से घिरे पूर्व गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद ने तीन दिवसीय मौन व्रत धारण कर लिया है। अब उनके समर्थक भी जल्द व्रत तोड़ने का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि स्वामी जी को षड्यंत्र के तहत फंसाया गया है, लेकिन उन्हें सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है कि वह उन्हें न्याय देगा और वह यहां आकर अपनी बात रख सकेंगे।
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पार्टी के नेताओं ने चुप्पी साधी
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- फोटो : अमर उजाला
मुमुक्ष आश्रम के अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद से कॉलेज के अलावा भी लोग राजनीतिक रूप से जुड़े हुए हैं। छात्रा के अपहरण के आरोप के बाद पार्टी के नेता तो इस मामले को लेकर चुप्पी साध गए लेकिन उनके नजदीकी रामबरन सिंह का कहना है कि स्वामी जी को किसी षड्यंत्र के तहत फंसाया गया है। उन्हें भरोसा है कि सर्वोच्च न्यायालय से उन्हें न्याय मिलेगा। उन्होंने बताया कि स्वामी जी के शुभचिंतकों में शिक्षक ईशपाल ने कहा कि उन सभी लोगों को इंतजार है कि स्वामी जी अपना मौन व्रत तोड़कर जल्द ही शाहजहांपुर आएं और सभी के सामने अपनी बात रखें ताकि षड्यंत्रकारियों का खुलासा हो सके।
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सोमवार को सब साफ हो जाएगा
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शिक्षक ईशपाल ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के अलावा जिले में काफी उनके नजदीकी लोग हैं जो उनके व्रत तोड़ने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद है कि सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद सब कुछ साफ हो जाएगा। अधिवक्ता ओम सिंह का कहना है कि उन्हें पूरा भरोसा है कि स्वामी जी जल्द ही यहां आएंगे। पार्टी के कई पदाधिकारी भी इसी उम्मीद में हैं, लेकिन अभी कोई भी बयान देने से बच रहे हैं।
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