ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर फिलहाल गति सीमा नहीं घटेगी। एक्सप्रेसवे पर दुपहिया वाहनों के चलने पर प्रतिबंध लगा रहेगा। चोरी की वारदात रोकने के लिए मंत्रालय ने सभी संबंधित जिलों के पुलिस को अलर्ट पर रहने को कहा है।
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eastern peripheral expressway
- फोटो : अमर उजाला
सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में शुक्रवार को दिल्ली में अहम बैठक हुई, जिसमें एनएचएआई के अधिकारियों के अलावा सभी संबंधित जिलों के डीएम व एसएसपी शामिल हुए। इस बैठक में तीन प्रमुख बिंदुओं पर निर्णय लिया गया।
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पहला, यह कि एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार पूर्ववत रहेगी। उसे कम नहीं किया जाएगा। कारों के लिए 120, बसों के लिए 100 व ट्रकों के लिए 80 किलोमीटर प्रति घंटे की ही रफ्तार रहेगी। बैठक में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि देश के तमाम एक्सप्रेसवे का अध्ययन किया गया, जिसमें पाया गया कि हादसे की सबसे बड़ी वजह रफ्तार नहीं है, बल्कि नींद है। अधिकतर हादसे रात एक से चार बजे के बीच हुए हैं। इसलिए गति को कम करने का कोई औचित्य नहीं है।
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एक्सप्रेसवे पर वाहनों की आवाजाही
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दूसरा फैसला दुपहिया वाहनों के चलने पर प्रतिबंध का है। मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि एक्सप्रेसवे पर दुपहिया वाहनों को चलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। बैठक में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर लगे उपकरणों की चोरी पर भी चर्चा हुई। सचिव ने सभी जिलों व डीएम से नाराजगी जताते हुए कहा कि आप लोग एफआईआर या शिकायत का इंतजार न करें, बल्कि खुद से अलर्ट हो जाएं।
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Eastern Peripheral Expressway
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इस बाबत एक व्हाट्स ग्रुप भी बनाया गया, जिसमें सभी जिलों के डीएम व एसएसपी को भी जोड़ा जाएगा। चोरी या किसी तरह की वारदात की सूचना मिलते ही ग्रुप पर डाल दिया जाएगा, जिससे सभी को एक साथ सूचना मिल जाएगी, जिस जिले से जुड़ी घटना होगी। वहां के पुलिस मौके पर पहुंच सकेगी। इसके अलावा कुछ आधुनिक तकनीक के सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे, जिससे कि चोरी करने वालों पर नजर रखी जा सकेगी।