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ग्रेटर नोएडा में अब इस जगह बनेगा डंपिंग ग्राउंड, निरीक्षण करेंगे अधिकारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Updated Sat, 23 Jun 2018 10:10 AM IST
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Dumping ground
- फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री के आदेश पर सेक्टर-123 में कूड़ा डालना बंद करने के बाद नोएडा प्राधिकरण डंपिंग ग्राउंड के अगले विकल्प की तलाश कर रहा है। शुक्रवार को नोएडा प्राधिकरण के सीईओ समेत पूरी टीम ग्रेटर नोएडा के अस्तौली और खोदना खुर्द गई और निरीक्षण किया।
डंपिंग ग्राउंड यहां बनाया जा सकता है
- फोटो : अमर उजाला
सूत्रों के मुताबिक इन सभी परेशानियों को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण यहां के विकल्प पर हिचक रहा है। इसके बाद नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीम 130 मीटर रोड पर स्थित खोदना खुर्द भी गई और वहां पर अस्थायी तौर पर कूड़ा डालने का विकल्प तलाशा।
बताया जा रहा है कि यहां के विकल्प पर अगर हामी नहीं हुई तो ग्रेटर नोएडा में कुछ अन्य विकल्पों की भी तलाश की जाएगी, जहां डंपिंग ग्राउंड बनाया जा सकता है। मामला सीधे मुख्यमंत्री से जुड़ा हुआ है इसलिए इसे पहली प्राथमिकता में लिया जा रहा है। संभव है कि शनिवार को नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीम अन्य स्थानों का निरीक्षण कर संभावनाओं की तलाश करे।
सेक्टर-151ए के आसपास भी फैली है आबादी
नोएडा प्राधिकरण के मास्टर प्लान में सेक्टर-151ए में भी डंपिंग ग्राउंड का विकल्प दिया गया है, लेकिन आबादी बसाने के दौरान नियमों की परवाह किए बिना प्लॉट काटे गए। अब हालात यह है कि वहां भी साइट से करीब 500 मीटर पर आबादी की बात बताई जा रही है। अगर यहां कूड़ा डालना शुरू किया गया तो संभव है कि विरोध शुरू हो जाए।
बताया जा रहा है कि यहां के विकल्प पर अगर हामी नहीं हुई तो ग्रेटर नोएडा में कुछ अन्य विकल्पों की भी तलाश की जाएगी, जहां डंपिंग ग्राउंड बनाया जा सकता है। मामला सीधे मुख्यमंत्री से जुड़ा हुआ है इसलिए इसे पहली प्राथमिकता में लिया जा रहा है। संभव है कि शनिवार को नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीम अन्य स्थानों का निरीक्षण कर संभावनाओं की तलाश करे।
सेक्टर-151ए के आसपास भी फैली है आबादी
नोएडा प्राधिकरण के मास्टर प्लान में सेक्टर-151ए में भी डंपिंग ग्राउंड का विकल्प दिया गया है, लेकिन आबादी बसाने के दौरान नियमों की परवाह किए बिना प्लॉट काटे गए। अब हालात यह है कि वहां भी साइट से करीब 500 मीटर पर आबादी की बात बताई जा रही है। अगर यहां कूड़ा डालना शुरू किया गया तो संभव है कि विरोध शुरू हो जाए।
ग्रेटर नोएडा का अस्तौली में ही बनेगा डंपिंग ग्राउंड
अधिकारियों ने लगाया बोर्ड
- फोटो : अमर उजाला
नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के संयुक्त निरीक्षण के बाद अगर नोएडा प्राधिकरण अस्तौली में डंपिंग ग्राउंड के विकल्प पर हामी नहीं भरती है तो भी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अपना डंपिंग ग्राउंड अस्तौली में ही बनाएगा।
इस बात का संकेत ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने दिया। इसके लिए सिरसा गोलचक्कर से अस्तौली तक के लिए 24 मीटर का रोड बनाकर ले जाया जाएगा और वहां तक पहुंचने के रास्ते को सुगम किया जाएगा। यह सब कुछ ग्रेटर नोएडा का कूड़ा वहां डालने के लिए किया जाएगा।
किसानों ने कहा हमारे गांव की ओर देखना भी मत
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक सेक्टर-123 में हंगामे के दौरान सेक्टर-151ए और अस्तौली के किसान प्राधिकरण अधिकारियों के लगातार संपर्क में बने रहे। यही नहीं वहां के किसानों ने सीधे तौर पर अधिकारियों को पिछले दिनों आगाह भी किया हुआ था कि सेक्टर-123 में कूड़ा डालने का विचार छोड़ने पर हमारे ओर मत चले आना। उन्होंने कहा कि हमारे गांव की ओर देखना भी मत। संभव है कि प्राधिकरण के वहां जाने के बाद वहां भी विरोध शुरू हो जाए।
इस बात का संकेत ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने दिया। इसके लिए सिरसा गोलचक्कर से अस्तौली तक के लिए 24 मीटर का रोड बनाकर ले जाया जाएगा और वहां तक पहुंचने के रास्ते को सुगम किया जाएगा। यह सब कुछ ग्रेटर नोएडा का कूड़ा वहां डालने के लिए किया जाएगा।
किसानों ने कहा हमारे गांव की ओर देखना भी मत
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक सेक्टर-123 में हंगामे के दौरान सेक्टर-151ए और अस्तौली के किसान प्राधिकरण अधिकारियों के लगातार संपर्क में बने रहे। यही नहीं वहां के किसानों ने सीधे तौर पर अधिकारियों को पिछले दिनों आगाह भी किया हुआ था कि सेक्टर-123 में कूड़ा डालने का विचार छोड़ने पर हमारे ओर मत चले आना। उन्होंने कहा कि हमारे गांव की ओर देखना भी मत। संभव है कि प्राधिकरण के वहां जाने के बाद वहां भी विरोध शुरू हो जाए।
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एसीईओ ने बृहस्पतिवार को ही कर लिया था सेक्टर-151ए का निरीक्षण
सूत्रों की मानें तो एसीईओ राकेश कुमार मिश्र ने बृहस्पतिवार को ही सेक्टर-151ए का स्थलीय निरीक्षण किया और वहां के हालात का जायजा लिया। उन्होंने वहां पर डंपिंग ग्राउंड के विकल्प पर ध्यान से देखा। हालांकि, अभी सीईओ आलोक टंडन वहां नहीं गए हैं। संभावना है कि शनिवार को उनका वहां का दौरा हो और विकल्पों की तलाश हो।