दिल्ली में गुरुवार को सूर्यग्रहण का अद्भुत नजारा महज कुछ सेकेंड के लिए ही दिखा। क्योंकि सूर्यग्रहण के दौरान आसमान बादलों और धुंध से ढका हुआ था। इस दौरान तीन मूर्ति स्थित नेहरू तारामंडल में भारी संख्या में लोगों ने पहुंचकर सूर्यग्रहण का अद्भुत दृश्य देखा। जिसे ‘रिंग ऑफ फायर’ नाम दिया गया था। इस मौके पर नेहरू तारामंडल की ओर से सूर्योत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिसमें दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद के लगभग 40 स्कूलों के बच्चों को आमंत्रित किया गया था। नेहरू तारामंडल प्रशासन की ओर से बच्चों को खगोलीय घटनाओं के विषय में वैज्ञानिक जानकारियां प्रदान कराई गईं।
दिल्ली में दिखा सूर्यग्रहण का अद्भुत नजारा, तस्वीरें बयां कर रही दास्तां
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सूर्य ग्रहण देखने के लिए खास तैयारियां
नेहरू तारामंडल में आम लोगों को सूर्यग्रहण का अद्भुत नजारा दिखाने के लिए खास तैयारियां की गई थीं। इसके लिए तीन मूर्ति मैदान में सोलर प्रोजेक्शन ब़ॉक्स लगाया गया था। लोगों को निशुल्क सोलर चश्मे उपलब्ध कराए गए। नेहरू तारामंडल की प्रोग्राम मैनेजर प्रेरणा चंद्रा ने बताया कि देशभर के कोने-कोने में लोगों को सूर्यग्रहण का यह अद्भुत नजारा दिखाने के लिए संस्थान की तरफ से लाइव वेब कास्ट की व्यवस्था भी की गई थी।
अंधविश्वास तोड़ने के लिए लगे फूड स्टॉल
देश में परंपरागत मान्यता के अनुसार समाज में अंधविश्वास है कि ग्रहण लगने के दौरान कई खास कार्य नहीं करने चाहिए। ग्रहण लगने के दौरान खान पान पर भी पाबंदी है। लेकिन विज्ञान इस बात में विश्वास नहीं करता। इसलिए बृहस्पतिवार को सूर्य ग्रहण के दौरान नेहरू तारामंडल की तरफ से यहां आए लोगों के लिए निशुल्क कई फूड स्टॉल लगाए गए थे।
इस साल की अंतिम खगोलीय घटना
यह फायर रिंग साल 2019 की अंतिम खगोलीय घटना थी। इसके बाद 2020 में एक बार फिर देशवासियों को इसी तरह का अद्भुत सूर्यग्रहण देखने को मिलेगा। अगले साल 21 जून को देश के सभी हिस्सों में 93 प्रतिशत सूर्यग्रहण देखने को मिलेगा।
नंगी आंखों से नहीं देखते सूर्यग्रहण
सूर्य से आने वाली अल्ट्रा वायलेट किरणें खतरनाक होती हैं। इसलिए नंगी आंखों से सूर्य को भी देखने का प्रयास कभी नहीं करना चाहिए। वहीं सूर्यग्रहण के दौरान सूर्य की किरणें तिरछी और तीव्र होती हैं। इसलिए नंगी आंखों से देखने पर रेटिना प्रभावित होने का खतरा बढ़ जाता है।