आरोपी आफताब अमीन पूनावाला श्रद्धा वाकर के शव के दो दिन तक टुकड़े करता रहा। उसने एक दिन शव को बाथरूम में रखा। दूसरे दिन से उसने श्रद्धा के शव के टुकड़े करने शुरू किए थे। ये खुलासा महरौली पुलिस की गिरफ्त में मौजूद आफताब ने पूछताछ में किया है। पुलिस देर रात आफताब को साथ लेकर मृतका के शव के टुकड़े बरामद करने में लगी हुई है। पुलिस उसकी निशानदेही पर चापड़ आदि को बरामद करने का प्रयास चल रहा है।
18 मई की रात का सच: आफताब दो दिन तक करता रहा शव के टुकड़े, चीथड़े धोए और लगाया ये पाउडर, रात को निकलता था जंगल
दक्षिण जिले के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आफताब व श्रद्धा ने छतरपुर में 15 मई को किराए पर कमरा लिया था। इसने 18 मई को श्रृद्धा की गला दबाकर हत्या कर दी थी। इसके बाद वह घबरा गया। इसके बाद उसे फॉरेन क्राइम सीरीज डेक्सटर की याद आई। आरोपी बचपन में ये सीरीज देखा करता था। उसने 18 मई को श्रद्धा के शव को बाथरूम में रख दिया। अगले दिन वह बाजार गया और बड़ा वाला फ्रिज, चापड़, पाउडर, फ्रेशनर व अन्य सामान लेकर आया।
अगले दिन यानि 19 मई को उसने श्रद्धा के शव के टुकड़े करने शुरू किए। उसने सबसे पहले उसके हाथ व पैर काटे। इसके बाद वह दो दिन तक शव के टुकड़े करता रहा। टुकड़े को धोता और पोछकर बोरिक पाउडर लगाता। इसके बाद वह पॉलिथीन में पैककर फ्रीज में रख देता। वह शव के एक टुकड़े की पॉलिथीन को पिट्ठू बैग में रखता और रात दो बजे महरौली के जंगल में फेंक कर आ जाता। वह जंगल में शव के टुकड़ों को अलग-अलग जगहों पर फेंकता था। कई बार लोगों ने रात में जंगल में आने का उससे कारण पूछा तो वह कहता था कि वह शौच करने आया है। इस तरह वह 22 दिनों तक शव के टुकड़ों को जंगल में फेंकता रहा।
फ्रिज में शव के साथ खाने-पीने का सामान भी रखे था आफताब
आरोपी फ्रिज के साइड वाले गेट पर खाने-पीने का सामान रखता था। जबकि उसके अंदर उसने शव के टुकड़े रखे हुए थे। फ्रिज में कोल्ड ड्रिक, पानी, बटर, पेप्सी व दूध आदि सामान रखा हुआ था। आरोपी फ्रीज से हर रोज फ्रीज से खाने-पीने का सामान निकालता था। हालांकि वह खाने का सामान ऑनलाइन मंगाता रहा।
दस दिन तक श्रद्धा का इंस्टाग्राम चलाता रहा आफताब
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आफताब ने पूछताछ में खुलासा किया है कि श्रद्धा के बारे में कोई संदेह न हो, इसके लिए वह दस दिन तक उसका इंस्टाग्राम चलाता रहा। अगर मृतका का कोई दोस्त उसे मैसेज भेजता था तो वह उसका जवाब भी देता था। 10 जून के बाद उसने मृतका का इंस्टाग्राम व मोबाइल बंद कर दिया था। इसके बाद श्रद्धा के दोस्तों को उसकी चिंता सताने लगी थी।