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अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग: पटियाला हाउस कोर्ट से लेकर कनॉट प्लेस तक प्रदर्शन, कई लोग हिरासत में

Mon, 19 Oct 2026 02:31 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 19 Oct 2026 02:31 AM IST
सार

प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़ने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें कुछ दूरी पर रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।
 

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Demand for justice for Ankita Bhandari: Protests held from Patiala House Court to Connaught Place
पटियाला हाउस कोर्ट के बाहर... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर रविवार को पटियाला हाउस कोर्ट के गेट नंबर-5 के बाहर प्रदर्शन किया गया। दिल्ली, देहरादून, हरिद्वार, नोएडा और गाजियाबाद से आए प्रदर्शनकारियों ने भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़ने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें कुछ दूरी पर रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।

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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े सभी सवालों के जवाब अब तक सामने नहीं आए हैं। उनका कहना था कि जब तक मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी करते हुए दुष्यंत गौतम को पद से हटाने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा। इसमें दुष्यंत गौतम को पद से हटाने और मामले की जांच पूरी होने तक उनकी नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग की गई।
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वीआईपी की भूमिका की जांच की मांग
उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि उत्तराखंड के लोग अंकिता भंडारी को न्याय मिलने और हत्याकांड के दोषियों को सजा होने तक चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने राष्ट्रपति से दुष्यंत गौतम को पद से हटाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी पर एक वीआईपी को विशेष सुविधा देने के लिए दबाव बनाया गया था। उन्होंने इस मामले में दुष्यंत गौतम की कथित भूमिका की जांच कराने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग उठाई।
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कई नेता प्रदर्शन में हुए शामिल
प्रदर्शन में उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप, कांग्रेस के पूर्व संयुक्त सचिव हरिपाल रावत, उत्तराखंड के पूर्व राज्यमंत्री रामकुमार वालिया, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष लक्ष्मण रावत, बृजमोहन उप्रेती और इंद्रेश मैखुरी सहित कई लोग शामिल हुए। मोहित डिमरी समेत अन्य नेताओं ने भी मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग दोहराई।

कनॉट प्लेस में महिला कांग्रेस का प्रदर्शन
अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर रविवार को कनॉट प्लेस में दिल्ली प्रदेश महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कनॉट प्लेस इनर सर्कल में कैंडल मार्च निकाल रहीं महिलाओं ने मामले की पारदर्शी जांच और वीआईपी एंगल की पड़ताल पूरी होने तक भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने तिरंगा ओढ़ रखा था। पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका तो धक्का-मुक्की हुई। 

इसके बाद प्रदर्शनकारी महिलाओं को हिरासत में ले लिया गया। इस दौरान महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने बताया कि अंकिता को न्याय मिलना चाहिए। मामले की जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अंकिता के परिवार की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और जांच में सामने आने वाले हर पहलू की निष्पक्ष पड़ताल होनी चाहिए। दिल्ली प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पा सिंह ने बताया कि हमारी बहनों के न्याय के लिए हम आगे आते रहेंगे। उन्होंने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने की मांग पर महिला कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी। संगठन महिलाओं के साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ आवाज उठाता रहेगा।


वीआईपी एंगल की जांच की मांग : उत्तराखंड में साल 2022 में 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। वह ऋषिकेश के पास एक रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। इस मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो साथियों को उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। इसके बावजूद मामले में वीआईपी की भूमिका को लेकर जांच की मांग उठ रही है। अंकिता के माता-पिता ने मांग की है कि जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।
 

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