बाबा आशु गुरुदेव के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराने वाली गाजियाबाद की पीड़िता के मंगलवार को कोर्ट में 164 के तहत बयान दर्ज किए गए। अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि महिला अपने बयानों पर टिकी हुई है। महिला ने कोर्ट में वहीं बयान दिए हैं जो बयान उसने एफआईआर करवाते समय दिए थे। पीड़िता की नाबालिग बेटी के बुधवार को बयान होंगे।
अपराध शाखा के अधिकारी ने बताया कि केस की फाइल मिल गई है और टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित पक्ष के कोर्ट में बयान होने के बाद आरोपी आशु गुरुदेव व उसके बेटे और दोस्त को बुलाया जाएगा। पुलिस इस मामले में सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है। गौरतलब है कि गाजियाबाद की महिला(40) ने आशु गुरुदेव, उसके बेटे व बेटे के दोस्त के खिलाफ हौजखास थाने में मामले में दर्ज कराया था। बाबा आशु का सेक्टर-7, रोहिणी में आश्रम है।
दूसरा एक छोटा आश्रम एक्स ब्लाक, हौजखास में है। महिला ने हौजखास थाना पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा था वर्ष 2013 में वह बाबा के रोहिणी स्थित आश्रम में गई थी। वहां उनके मैनेजर ने पीने को शीतल पेय दिया। इसके बाद वह बेहोश हो गई और इसका फायदा उठाकर बाबा व उसके साथी ने उससे दुष्कर्म किया। इसके बाद वर्ष 2016 में बाबा के बेटे व उसके दोस्त ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार महिला ने हौजखास थाना पुलिस को बताया है कि वह बाबा आशु को वर्ष 2008 से जानती है। उसकी बेटी उस समय छह वर्ष की थी और पोलियो से पीड़ित है। आरोपी बाबा ने महिला से इलाज के लिए बेटी को रोहिणी स्थित आश्रम में लाने को कहा। आरोप है कि आशु बच्ची को निर्वस्त्र कर उसकी मालिश करता था। ये सिलसिला वर्ष 2013 तक चलता रहा। पीड़िता वर्ष 2013 में दीवाली देने बाबा के रोहिणी स्थित आश्रम में गई थी, जहां आश्रम के मैनेजर ने उसे नशीला शीतल पेय पिलाकर बाबा व उसके साथियों के साथ गैंग रेप किया, जिससे वह बेहोश हो गई।
होश आने के बाद महिला ने पुलिस में शिकायत करने की बात कही तो आरोपी बाबा उसे परिवार सहित जान से मारने की धमकी दी। डर से पीड़िता ने उस समय पुलिस में शिकायत नहीं दी। महिला का आरोप है कि वर्ष 2016 में बाबा के बेटे व उसके दोस्त ने उसके साथ दुष्कर्म किया। फिर वर्ष 2017 में आरोपी बेटे ने उसकी बेटी को लाने को कहा।