प्रगति मैदान में आयोजित विश्व पुस्तक मेले में दूसरे दिन रविवार को पुस्तक प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ी। आलम कुछ ऐसा था कि मेले में दाखिल होने के लिए देशी के साथ विदेशी पाठक भी खासे उत्साहित नजर आए।
ऐसा रहा विश्व पुस्तक मेले का दूसरा दिन, हुई टिकट में परेशानी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भीड़ के कारण टिकट खरीदने के लिए लोगों को लंबी लाइनें लगानी पड़ीं। छुट्टी का दिन होने से लोगों ने जमकर खरीदारी की। इस दौरान युवा पाठकों के अलावा बाल पाठकों और विद्यार्थियों की संख्या काफी ज्यादा रही। सभी पुस्तक स्टॉल्स पर पाठक अपनी पसंदीदा पुस्तकों को तलाशते नजर आए।
टिकट खरीदने में हुई परेशानी
रविवार को मेले में पहुंचे शशांक ने बताया कि उन्हें पुस्तकों से बेहद लगाव है, लेकिन टिकट खरीदने के लिए लंबी लाइन से गुजरना पड़ा। गेट नंबर 1 पर एक ही टिकट काउंटर बनाया गया है, जिस कारण लाइन काफी लंबी हो गई उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।
बाहरी राज्यों से पहुंचे पाठक हुए खुश
हरियाणा से विश्व पुस्तक मेले में पहुंची चारु चौधरी ने बताया कि उन्हें उपन्यास पढ़ने का शौक है। मेले से उन्हें बहुत से लेखकों के बेहतरीन उपन्यास मिल जाते हैं। वह कॉलेज टाइम से ही प्रगति मैदान में लगने वाले पुस्तक मेले में हर साल आ रही हैं। राजस्थान से आई शालिनी ने बताया कि उन्हें फिक्शन, कहानियां, हॉरर और साइंस टेक्नोलॉजी की किताबें अच्छी लगाती हैं। यहां से पसंदीदा लेखकों की कई पुस्तकें खरीदी हैं। यहां एक छत के नीचे पूरा पुस्तक संसार मिल जाता है। वह एमएनसी में काम करती है, उन्हें रविवार का दिन सबसे बेहतर लगा।
विदेशी पाठकों ने भी उठाया लुत्फ
पुस्तक मेले में विदेशी पर्यटक भी काफी संख्या में पहुंचे। यूरोपियन पवेलियन समेत अन्य स्टॉल्स पर इनकी भीड़ नजर आई। विदेशी पाठक क्लार्क जार्ज ने बताया कि वह यहां पहली बार आए हैं उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है। उन्होंने भारतीय संस्कृति से जुड़ी किताबें भी खरीदीं। उनका कहना था कि उन्हें पुस्तक पढ़ना बहुत अच्छा लगता है, इसलिए वह एक नॉवेल हमेशा साथ रखते हैं।