यह जरूरी नहीं कि हर खिलाड़ी चैंपियन ही बने, जरूरी यह है कि देश में कितने लोग खेलते हैं। राजधानी में हो रहे खेलो इंडिया स्कूल गेम्स से देश को हर खेल के और अधिक चैंपियन मिल सकेंगे। यह बात टेनिस स्टार सानिया मिर्जा ने कही।
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sania mirza
- फोटो : अमर उजाला
वह ग्रेटर नोएडा वेस्ट के नॉलेज पार्क स्थित सुपरटेक स्पोर्ट्स विलेज में रविवार को टेनिस एकेडमी की शुरुआत करने पहुंची थीं। इस मौके पर सानिया ने कहा कि सिर्फ चैंपियन बनना ही नहीं, बल्कि खेलों से जुड़ना अहम है। खेल जीवन जीने का सलीका है। मेरी एक एकेडमी मेरे घर के पास है, दूसरी यहां खुलेगी।
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हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि इनसे विश्व चैंपियन ही निकलेंगे। हां, इतना जरूर कहा जा सकता है कि इससे खिलाड़ियों में मानवीय गुण जरूर आएंगे।
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अब तक छह ग्रैंड स्लैम जीत चुकीं सानिया ने कहा कि करीब दो माह से चोट लगने के कारण आराम कर रही हूं, ताकि जल्द ठीक हो सकूं। अगले ग्रैंड स्लैम तक फिट होने की उम्मीद है।
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मैंने 2002 में एशियन गेम्स खेला था, तब मैं 15 साल की थी। चोट लगने के कारण अब जो समय मिला है उसे परिवार के साथ बिता रही हूं। सुपरटेक के चेयरमैन आरके अरोड़ा ने बताया कि स्पोर्ट्स विलेज का पहला फेज दो साल में बनकर पूरा हो जाएगा।