राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के इलाकों में बारिश के बाद आया वायु गुणवत्ता में सुधार ज्यादा देर नहीं टिक सका। शुक्रवार को दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में फिर पराली जलाई गई। केंद्रीय मौसम और वायु गुणवत्ता की निगरानी एजेंसी सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के मुताबिक, दिल्ली की हवा में मौजूद खतरनाक पर्टिकुलेट मैटर 2.5 प्रदूषण में पराली की हिस्सेदारी एक से आठ फीसदी तक पहुंच गई है।
फिर जलाई गई पराली, दिल्ली एनसीआर में बढ़ने लगा प्रदूषण
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सफर के मुताबिक मौसम प्रदूषण को घटाने के लिए उतना सहयोगी नहीं था। बावजूद इसके प्रदूषण स्तर में तेजी से गिरावट आई थी। हवा अगले दो दिन खराब से बहुत खराब श्रेणी में आ जाएगी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, शुक्रवार की शाम चार बजे तक रिकॉर्ड की गई दिल्ली की 24 घंटे की औसत वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में ही बनी हुई है। बृहस्पतिवार को एक्यूआई 217 पर पहुंच गया था। वहीं शुक्रवार को यह 285 रिकॉर्ड किया गया।
हालांकि, शुक्रवार शाम 6 बजे बेहद महीन प्रदूषण कण पीएम 2.5 का स्तर 110 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रिकॉर्ड किया गया। पीएम 2.5 का सामान्य औसत मानक 60 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर होता है। इसी तरह, मोटे प्रदूषण कण पीएम 10 का स्तर भी 210 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रिकॉर्ड हुआ, जबकि इसका औसत सामान्य मानक 100 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर है।
शहर एक्यूआई स्थिति
16 नवंबर 15 नवंबर 14 नवंबर 13 नवंबर 12 नवंबर 11 नवंबर 10 नवंबर
दिल्ली 285 217 312 409 399 405 401
फरीदाबाद 266 339 438 454 461 440
गाजियाबाद 279 264 352 438 423 440 403
नोएडा 267 229 332 426 401 445 386
ग्रेटर नोएडा 285 236 348 411 454 436 420
नोट: सीपीसीबी के मुताबिक, 201 से 300 का एक्यूआई खराब, 301 से 399 का बहुत खराब और 400 से अधिक गंभीर श्रेणी वाली वायु गुणवत्ता दर्शाता है। लंबे समय तक ऐसी हवा के संपर्क में रहने से श्वास संबंधी और अन्य बीमारियां हो सकती हैं।