PICS : विस में हुआ ऐसा हंगामा कि दर्शक भी रह गए हैरान
दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र में सोमवार को हंगामे के बीच फरवरी, 2013 के बाद से महिलाओं के खिलाफ हिंसा, यौन शोषण, स्टॉकिंग, अभद्र छेड़छाड़ की शिकायतों के अंजाम की पड़ताल के लिए जांच आयोग के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। भाजपा ने संविधान और अधिकार के खिलाफ बताकर हंगामा भी किया।
PICS : विस में हुआ ऐसा हंगामा कि दर्शक भी रह गए हैरान
ओपी शर्मा ने कागज उड़ाए और मुख्यमंत्री को बिना पढ़ा लिखा बताया। सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय आयोग छह प्वाइंट जांच करके सिफारिश सरकार को देगा। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों के कल्याण के लिए सुझाव का प्वाइंट भी संशोधन में जुड़वाया है।
PICS : विस में हुआ ऐसा हंगामा कि दर्शक भी रह गए हैरान
मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में बैठी महिलाएं सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं तो फिर बाकी कैसे करेंगे। विशेष सत्र गर्व की बात नहीं है, महिलाएं सुरक्षित होतीं तो सत्र की जरूरत नहीं पड़ती। आयोग महिलाओं से ऐसी शिकायतें मांगेगा, जिस पर कार्रवाई नहीं हुई है। महिला एवं बाल विकास मंत्री संदीप कुमार ने प्रस्ताव रखा।
PICS : विस में हुआ ऐसा हंगामा कि दर्शक भी रह गए हैरान
राजधानी में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध और गंभीर स्थिति से निपटने में संबंधित एजेंसी की उदासीनता और असमर्थता को आधार बनाकर जांच आयोग अधिनियम, 1952 की धारा 3 के अनुसार जांच आयोग गठन का प्रस्ताव रखा गया। इसके बाद अलका लांबा, भावना गौड़, वंदना कुमारी, राखी बिडलान, सरिता सिंह के अलावा उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, मंत्री गोपाल राय, कपिल मिश्रा ने भी भाजपा, केंद्र सरकार, उपराज्यपाल और पुलिस पर हमले किए।
PICS : विस में हुआ ऐसा हंगामा कि दर्शक भी रह गए हैरान
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि कोई काम करना चाहते हैं तो केंद्र या उपराज्यपाल कह देते हैं संविधान में अधिकार नहीं। हम मानते हैं कि पुलिस हमारे पास नहीं लेकिन संविधान के हिसाब से आईपीसी, सीआरपीसी हमारे पास है। ये विरोधी संविधान नहीं पढ़ते। जब घर में कुछ होगा तब संविधान पढ़ेंगे। ये भी कहा कि आयोग में हम सिर्फ दिल्ली पुलिस की बात नहीं कर रहे हैं बल्कि दिल्ली सरकार का एसडीएम अगर महिलाओं की शिकायत की अनदेखी की है तो उसकी भी जांच होगी।