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Twin Tower Blast: ट्विन टावर को गिराने में लगेंगे ये विस्फोटक, जानिए कैसे और कहां से लाए जाएंगे डेटोनेटर?
Thu, 04 Aug 2022 09:10 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 04 Aug 2022 09:10 AM IST
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ट्विन टावर
- फोटो : अमर उजाला
नोएडा के सेक्टर-93ए स्थित सुपरटेक के ट्विन टावर में विस्फोटक लगाने सहित पलवल से लाने और वापस ले जाने के लिए पुलिस ने मंगलवार देर रात अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी कर दिया। अब 60 लोगों की टीम विस्फोटक लगाने का काम शुरू करेगी। इसमें देश के छह व दक्षिण अफ्रीका के सात इंजीनियरों के अलावा दस लोकल ब्लास्टर और बाकी हेल्पर शामिल होंगे। एनओसी मिलने के बाद अब पुलिस को एडिफिस इंजीनियरिंग की ओर से हरी झंडी मिलेगी। इसके बाद नोएडा पुलिस पलवल रवाना होगी। पलवल से तड़के सुबह चार बजे विस्फोटक नोएडा लाया जाएगा। एक गाड़ी में डेटोनेटर और दूसरी में विस्फोटक होंगे। एक गाड़ी इनके आगे-आगे चलेगी। एडिफिस इंजीनियरिंग के प्रतिनिधियों का कहना है कि जितना विस्फोटक नोएडा लाया जाए, उसका इस्तेमाल शाम छह बजे तक कर लिया जाएगा। अगर विस्फोटक बचेगा तो पुलिस पलवल वापस ले जाएगी। करीब 15-20 दिन तक रोज यह काम होगा। कुल 3700 किलोग्राम विस्फोटक लगेगा।
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
यह लगेंगे विस्फोटक
- 325 किलोग्राम सुपर पावर 90, 63,300 मीटर सोलर कार्ड, 10,990 डेटोनेटर और चार आईईडी का इस्तेमाल होगा।
- 325 किलोग्राम सुपर पावर 90, 63,300 मीटर सोलर कार्ड, 10,990 डेटोनेटर और चार आईईडी का इस्तेमाल होगा।
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
जन-धन की हानि पर एडिफिस जिम्मेदार
पुलिस की ओर से दी गई एनओसी में साफ कहा गया है कि अगर इस विस्फोट के दौरान किसी तरह की जन-धन की हानि होती है तो कार्यदायी संस्था एडिफिस इंजीनियरिंग जिम्मेदार होगी। वहीं, इस तरह की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए एडिफिस इंजीनियरिंग ने गेल की पाइपलाइन के लिए 2.5 करोड़ और किसी तरह की हानि के लिए 100 करोड़ का बीमा कराया है। बीमे की पॉलिसी बुधवार को मिल गई।
पुलिस की ओर से दी गई एनओसी में साफ कहा गया है कि अगर इस विस्फोट के दौरान किसी तरह की जन-धन की हानि होती है तो कार्यदायी संस्था एडिफिस इंजीनियरिंग जिम्मेदार होगी। वहीं, इस तरह की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए एडिफिस इंजीनियरिंग ने गेल की पाइपलाइन के लिए 2.5 करोड़ और किसी तरह की हानि के लिए 100 करोड़ का बीमा कराया है। बीमे की पॉलिसी बुधवार को मिल गई।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
मलबे से एडिफिस हटाएगा विस्फोटक
पुलिस ने एनओसी में साफ किया है कि अंतिम ब्लास्ट के बाद पूरे मलबे की जांच करनी होगी। संभव है कि इसमें कोई ऐसा विस्फोटक हो, जो इस्तेमाल में नहीं आया। लिहाजा, इसे हटाने का काम एडिफिस इंजीनियरिंग का होगा।
पुलिस ने एनओसी में साफ किया है कि अंतिम ब्लास्ट के बाद पूरे मलबे की जांच करनी होगी। संभव है कि इसमें कोई ऐसा विस्फोटक हो, जो इस्तेमाल में नहीं आया। लिहाजा, इसे हटाने का काम एडिफिस इंजीनियरिंग का होगा।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
यह भी है निर्देश
किसी भी कॉलम में 5 से ज्यादा छेद न हों।
किसी भी छेद में 1 किल्रो 375 ग्राम से ज्यादा विस्फोटक न हो।
45 मीटर के आसपास सभी टावरों को खाली कराया जाए।
ब्लास्ट के बाद धूल और भूकंप आदि के प्रभाव से बचने के लिए संबंधित विभागों से पहले ही विशेष बातचीत कर ली जाए।
किसी भी कॉलम में 5 से ज्यादा छेद न हों।
किसी भी छेद में 1 किल्रो 375 ग्राम से ज्यादा विस्फोटक न हो।
45 मीटर के आसपास सभी टावरों को खाली कराया जाए।
ब्लास्ट के बाद धूल और भूकंप आदि के प्रभाव से बचने के लिए संबंधित विभागों से पहले ही विशेष बातचीत कर ली जाए।