नोएडा शहर में सोमवार को हुए उग्र प्रदर्शन के बाद मंगलवार को काम ठप रहने से कंपनियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। तोड़फोड़ से औद्योगिक इकाइयों को काफी क्षति हुई है। मंगलवार को अमर उजाला की टीम उन जगहों पर पहुंची जहां हंगामा हुआ था। उन जगहों से पत्थर तो हटा दिए गए लेकिन उपद्रव के निशान साफ नजर आ रहे थे।
सेक्टर 63 स्थित कार सर्विस सेंटर पर जब टीम पहुंची तो बर्बरता साफ दिखी। दो अधजली कार तो सर्विस सेंटर के बाहर बाएं ओर खड़ी थीं। सेंटर की इमारत के शीशों में जगह-जगह टूटे दिखे। सामने खड़ीं तीन कार पूरी तरह जली हुईं थीं। लोहे के अलावा उन कार में कुछ नहीं बचा।
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सैलरी बढ़ाने को लेकर प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
सेंटर ने इन कार को कवर से ढका जरूर था। इससे आगे चलने पर आमने-सामने चार से ज्यादा इकाइयों की इमारतों में भी तोड़फोड़ के निशान दिख रहे थे। सेक्टर 65 में उस कंपनी के बाहर पुलिस बल तैनात दिखा जहां लाठी भांजी गई थी। सेक्टर 57 में स्थित कंपनी के गार्ड रूम का शीशे के टुकड़े अब भी जमीन पर पड़े थे।
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नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के दौरान कंपनी में तोड़फोड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फेज दो में भी ऐसे ही हालात दिखे। सेक्टर 59 स्थित कंपनी के बाहर पुलिस बल तैनात रहा। एहतियातन यहां पर अग्निशमन वाहन भी खड़े थे। सेक्टर 58 में बैरिकेडिंग भी की गई। ऐसे ही सेक्टर 63 में भी पुलिस फोर्स गश्त करती रही। अराजक तत्वों को खदेड़ने में भी पुलिस लगी रही।
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नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के दौरान बाइक और कारों में लगाई आग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आजीविका का सहारा गाड़ी जलकर राख
वहीं, जीवन यापन के लिए छह महीने पहले कार खरीदी थी, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दी। आय का जो जरिया था वह जलकर राख हो गया। अपनी ही कार के ढांचे को देख मालिक आनंद की आंखें नम थीं। मूलरूप से मैनपुरी के करहल के रहने वाले आनंद की कार भी विरोध प्रदर्शन की आग की जद में आ आई।
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नोएडा में हिंसक प्रदर्शन
- फोटो : एएनआई
प्रदर्शनकारियों ने सेक्टर 63 स्थित सर्विस सेंटर में लगाई। उन्होंने बताया कि परिवार को बेहतर जीवन देने की उम्मीद में नोएडा आकर आनंद ने टैक्सी चलाने के लिए कार खरीदी थी। जिसकी किस्ते भी जारी हैं। 36 महीने तक 21 हजार रुपये की किस्ते अदा करनी हैं। किस्त समय से दी जा सकें इसके लिए दिन में लगभग 15 घंटे कार भी चलाते हैं।