नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे किनारे सेक्टर-82 कट के पास सिर और हाथ कटा महिला का शव मिलने के बाद पुलिस उसकी शिनाख्त में उलझी रही। इसके बाद सेक्टर-49 थाने से मुखबिर की कॉल से जांच को दिशा मिली। महिला के बच्चों ने बिछुआ से पहचान की, उसके बाद कानून के हाथ आरोपी तक पहुंचे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सेक्टर-49 के थाना प्रभारी ने एसीपी-1 प्रवीण सिंह को रात में फोन कॉल कर बताया कि एक महिला के लापता होने की सूचना है लेकिन इसकी शिकायत नहीं मिली है।
टीम महिला के घर पर पहुंची। वहां पर यह सामने आया कि प्रीति लापता है जिसके दोनों बच्चे घर पर नहीं थे। आस-पड़ोस के लोगों से पुलिस को पता चला कि प्रीति की नजदीकी मोनू सिंह से है। पुलिस मोनू के घर पहुंची। यहां पर पुलिस के पहुंचने के बाद प्रीति-मोनू के रिश्ते की कड़ी जुड़ चुकी थी।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी मोनू
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बाद में बच्चे सामने आए। प्रीति के बच्चों ने बताया कि उनकी मां बृहस्पतिवार से लापता है। इससे जांच फिर उलझी लेकिन मोनू नहीं मिला इससे संदेह बरकरार रहा।
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मृतक प्रीति यादव की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बरौला गांव के सीसीटीवी फुटेज पुलिस ने खंगाले जिसमें प्रीति के बुधवार शाम के बाद नहीं लौटने की जानकारी मिली। इसके बाद फिर मोनू पकड़ा गया। मोनू ने पहले यह बताया कि वह मैगी खिलाने के लिए सेक्टर 100 के पास लेकर गया था।
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इसी नाले में मिला था महिला का धड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद जानकारी नहीं है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में उस बस को तलाशा जो मोनू चलाता है। पुलिस को यह बस सेक्टर-100, 104, 98 और जहां पर शव मिला उस सड़क से जाती हुई दिखी।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी प्रेमी मोनू
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मोनू ने कबूल कर लिया जुर्म
इसके बाद अन्य जगहों की सीसीटीवी ट्रेल भी निकली। इस तरह पुलिस को कई जवाब मिल गए थे। पुलिस के मुताबिक इसके बाद पूछताछ में मोनू टूट गया और उसने जुर्म कबूल कर लिया।