दोपहर करीब 1.00 बजे नोएडा के बहलोलपुर गांव की झुग्गियों में रहने वाले लोग तेज धूप और तपिश से बचने के लिए आराम कर रहे थे, तभी एक झुग्गी में आग लग गई जो देखते ही देखते फैल गई। एक मिनट के अंदर अन्य झुग्गियां और गोदाम आग की चपेट में आ चुके थे। जैसे-तैसे महिलाएं और पुरुष बच्चों को लेकर झुग्गियों से बाहर निकलने लगे। आगे देखें तस्वीरें और पढ़ें तबाही की पूरी कहानी....
नोएडा : एक मिनट में झुग्गियां बन गईं आग का गोला, राख हुई पूंजी, खाने को भी मोहताज, फफक पड़े महिलाएं-बच्चे
झुग्गियों में सभी लोग आपस में परिचित हैं और बिहार के आस पड़ोस के नालंदा और शेखपुरा जिले के रहने वाले हैं। अग्निकांड में आंखों के सामने उजड़े आशियाने को देखकर महिलाएं व बच्चे फफककर रोते दिखाई दिए। शेखपुरा बिहार निवासी मदन ने बताया कि वह यहां 5 साल से कबाड़ी का काम कर रहा है।
बेटी की शादी के लिए बड़ी मेहनत से छह लाख रुपये जमा किए थे। पूरे पैसे जल गए और बेटी की शादी करने का सपना धरा रह गया। वहीं नालंदा के धनुष बिंद ने बताया कि हम 4 से 5 साल से यहां रह रहे है और कचरा उठाकर व बेचकर पैसे कमा रहे थे। अब सब कुछ चला गया और अब आगे क्या होगा कुछ नहीं पता। इसी तरह नालंदा के ही यमुना यादव जले हुए बर्तनों को दिखाते हुए फफक पड़े और कहा कि अब तो हमारे पास खाने के लिए भी कुछ नहीं है।
सिलिंडर फटने से मची अफरा-तफरी
झुग्गियों में खाना बनाने के लिए छोटे सिलिंडर, हीटर और मिट्टी के चूल्हे का प्रयोग होता था। दोपहर को जब आग लगी तो आग लगने से घर में रखकर कपड़े बर्तन, नकदी, रिक्शा और कबाड़ के सामानों में आग धधक गई। देखते ही देखते झुग्गियों में रखे सिलिंडर फटने लगे।
हम लोग सो रहे थे तभी आग लग गई और किसी तरह बाहर निकलकर जान बचाई। घर में रखा सामान जलकर राख हो गया। अब मैं आगे क्या करूं कुछ समझ में नहीं आ रहा।- अंता देवी, नालंदा बिहार
एक रिश्तेदार की मौत हो गई थी उसमें हम लोग दिल्ली गए थे। वहां से सूचना मिली कि झुग्गी में आग लग गई और जीवनभर की सारी कमाई स्वाहा हो गया। अब भविष्य अंधकार में दिखाई दे रहा है।- राधे, नालंदा बिहार
सारी कमाई जल गई और अब खाने के लिए एक भी पैसा नहीं बचा है। शरीर पर जो कपड़े हैं बस वही अपने हैं। अब आगे क्या होगा यह मुझे नहीं पता।- सिकंदर बिंद, शेखपुरा बिहार