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Nirbhaya Case: निर्भया को सात साल, तीन महीने और तीन दिन बाद मिला इंसाफ, पढ़ें पूरी टाइमलाइन
Fri, 20 Mar 2020 06:05 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 20 Mar 2020 06:05 AM IST
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निर्भया
- फोटो : self
सात साल तीन महीने और तीन दिन पहले भारत के दिल यानी राजधानी दिल्ली की सड़कों पर चलती बस में छह दरिंदों ने पैरामेडिकल की छात्रा(निर्भया) के साथ दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी थीं। इस घटना ने न सिर्फ दिल्ली बल्कि पूरे विश्व को हिला कर रख दिया था। यह देश की पहली ऐसी घटना थी जिसने देश के हर वर्ग खासतौर से युवाओं में आक्रोश भर दिया था।
nirbhaya case
- फोटो : अमर उजाला
पहली बार किसी आंदोलन के लिए लोग खुद सड़कों पर उतरे थे और तत्कालीन सरकार की नींव हिलाकर रख दी थी। इसी घटना के बाद सरकार को दुष्कर्म के नियमों और नाबालिगों को सजा के नियमों में कई क्रांतिकारी बदलाव करने पड़े थे। राष्ट्रीय राजधानी में 16 दिसंबर 2012 को 23 वर्षीय छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के सनसनीखेज मामले का संपूर्ण घटनाक्रम इस प्रकार है...
इसी बस में हुई थी हैवानियत
- फोटो : अमर उजाला
- 16 दिसंबर, 2012: अपने मित्र के साथ जा रही एक पैरामेडिकल छात्रा के साथ एक निजी बस में छह लोगों ने बर्बरतापूर्वक सामूहिक दुष्कर्म करने और क्रूरतापूर्ण हमला करने के बाद उसे घायल हालत में उसके दोस्त के साथ चलती बस से बाहर फेंक दिया । पीड़ितों को सफदरगंज अस्पताल में भर्ती कराया गया।
- 17 दिसंबर: आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए देशभर में भारी विरोध प्रदर्शन शुरु हो गए।
- पुलिस ने चारों आरोपियों- बस चालक राम सिंह, उसके भाई मुकेश, विनय शर्मा और पवन गुप्ता की पहचान की।
- 18 दिसंबर: राम सिंह सहित चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
- 20 दिसंबर: पीड़िता के दोस्त का बयान दर्ज किया गया।
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Nirbhaya case
- फोटो : अमर उजाला
- 21 दिसंबर: दिल्ली के आनंद विहार बस अड्डे से नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पीड़िता के दोस्त ने आरोपियों में से एक मुकेश की पहचान की। छठे आरोपी अक्षय कुमार सिंह को पकड़ने के लिए हरियाणा और बिहार में छापेमारी की गई।
- 21-22 दिसंबर: अक्षय को बिहार के औरंगाबाद जिले से गिरफ्तार कर दिल्ली लाया गया। पीड़िता ने अस्पताल में एसडीएम के सामने अपना बयान दर्ज कराया।
- 26 दिसंबर: दिल का दौरा पड़ने के बाद पीड़िता की हालत और गंभीर हो गई जिसे देखते हुए सरकार ने पीड़िता को विमान से सिंगापुर के माउण्ट एलिजाबेथ अस्पताल में स्थानांतरित कराया।
- 29 दिसंबर: पीड़िता ने गंभीर चोटों और शारीरिक समस्याओं से जूझते हुए सुबह 2 बजकर 15 मिनट पर दम तोड़ दिया। पुलिस ने प्राथमिकी में हत्या की धाराएं जोड़ दीं।
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- फोटो : अमर उजाला
2013
- दो जनवरी 2013: तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश अल्तमस कबीर ने यौन उत्पीड़न मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक अदालत का उद्घाटन किया।
- तीन जनवरी, 2013: पुलिस ने पांच वयस्क आरोपियों के खिलाफ हत्या, सामूहिक बलात्कार, हत्या का प्रयास, अपहरण, अप्राकृतिक यौनाचार और डकैती की धाराओं में आरोप पत्र दायर किए।
- पांच जनवरी: अदालत ने आरोप पत्र पर संज्ञान लिया।
- सात जनवरी: अदालत ने बंद कमरे में सुनवाई के आदेश दिए।
- 17 जनवरी: त्वरित अदालत ने पांचों वयस्क आरोपियों के खिलाफ सुनवाई शुरू की।