बाहरी दिल्ली में निहाल विहार इलाके के शिवराम पार्क में रविवार सुबह एक घर में प्रीति (28), उसके बेटे वीर (9) और बेटी सृष्टि (5) के शव पड़े मिले। प्रीति का पति फरार है। पुलिस आशंका जता रही है कि उसने घरेलू कलह की वजह से वारदात की है। घटनास्थल पर खून से सना एक हथौड़ा मिला है। पुलिस आशंका जता रही है कि प्रीति और बच्चों को सिर व चेहरे पर हथौड़े से वार कर मौत के घाट उतारा गया है। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए संजय गांधी अस्पताल भेजा गया है।
निहाल विहार ट्रिपल मर्डर केसः हथौड़े से की गई मासूम बच्चों और मां की हत्या, सिर व चेहरे पर किए गए वार
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पुलिस के मुताबिक, नवंबर 2009 में प्रीति की शादी सुल्तानपुरी निवासी गगन कुमार (36) से हुई थी। इनके दो बच्चे वीर और सृष्टि थे। गगन का मार्बल लगाने का काम था। परिवार किराए के मकान में शिवराम पार्क में रहता था। प्रीति के भाई पारस ने बताया कि गगन को शराब पीने की लत थी। अक्सर वह शराब पीकर प्रीति को पीटता था। बच्चे विरोध करते तो उनको भी मारता था।
प्रीति का मायका भी शिवराम पार्क का ही है। शनिवार रात करीब 10 बजे प्रीति की माता-पिता से बात हुई थी। इसके बाद रविवार सुबह परिजनों ने प्रीति को कॉल किया तो उसका फोन नहीं उठा। इस पर सुबह करीब 11 बजे प्रीति के पिता रामचंद गुप्ता उसके मकान पर पहुंचे। घर का दरवाजा बाहर से खुला था। अंदर बेड पर प्रीति और उसके दोनों बच्चों के खून से लथपथ शव पड़े थे। रामचंद ने फौरन पुलिस को सूचना दी।
जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। जांच के दौरान पुलिस को प्रीति और बच्चों के कपड़े अस्त-व्यस्त मिले। सभी को सिर और चेहरे पर भारी वस्तु से वार कर मौत के घाट उतारा गया था। कमरे से पुलिस को खून से सना एक हथौड़ा मिला है। आशंका है कि वारदात इसी से की गई है। शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला है कि प्रीति और गगन का रविवार सुबह झगड़ा हुआ था।
गगन को ही कातिल बता रहे प्रीति के परिजन
प्रीति के माता-पिता और भाई का रोते-रोते बुरा हाल है। मां कमलेश देवी रोते हुए बस यही कहे जा रही थी कि बच्चों को मारते हुए हत्यारे का कलेजा भी नहीं कांपा। उसने बहुत ही बेरहमी से उनकी हत्या की। भाई पारस ने बताया कि गगन का परिवार सुल्तानपुरी इलाके में रहता है। शादी के बाद गगन परिवार को छोड़ शिवराम पार्क में ही किराए के मकान में शिफ्ट हो गया था। प्रीति पति को शराब पीने से रोकती थी तो वह झगड़ा करता था। कई बार उसने बच्चों के सामने ही प्रीति को पीटा। बच्चे अपनी मां को बचाते तो वह उनको भी मारता था।