लंबे इतंजार के बाद आखिर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से रविवार, 12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) देने के लिए राजधानी में बनाए केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों की भीड़ दिखी। दोपहर दो बजे से परीक्षा शुरू होनी थी, लेकिन विद्यार्थियों को दो घंटे ही पहले बुलवाया गया था। ऐसे में केद्रों के बाहर सुबह 12 बजे से ही बच्चे अपने अभिभावकों के साथ पहुंचने लगे थे। तस्वीरों में देखें राजधानी के परीक्षा केद्रों पर परीक्षा से पहले की हलचलः
NEET 2021: दिल्ली में परीक्षा केंद्रों पर दिखी भीड़, सख्ती इतनी की छात्रों को उतारने पड़े जूते, छात्राओं को गहने
एनटीए, सीबीएसई की मदद से इस परीक्षा को देश और विदेश के 202 शहरों में आयोजित कर रहा है। परीक्षा में करीब 13.66 लाख छात्रों ने अपना पंजीकरण कराया था। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी।
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कोरोना से बचाव के लिए मुंह पर मास्क, हाथ में सैनिटाइजर का सुरक्षा कवच था तो परीक्षा में सफलता के लिए माता-पिता का आशीर्वाद लेकर विद्यार्थियों ने परीक्षा केंद्रों में प्रवेश किया। इससे पहले उन्हें कड़ी जांच के इम्तिहान से गुजरना पड़ा। महिला परीक्षार्थियों के नाक और कान में पहने आभूषण उतरवा लिए गए और सभी जूते-जुराब उतरवाकर तलाशी लेने के बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया।
एनटीए, सीबीएसई की मदद से इस परीक्षा को देश और विदेश के 202 शहरों में स्थित परीक्षा केंद्रों में आयोजित कर रहा है। परीक्षा में करीब 13.66 लाख छात्रों ने अपना पंजीकरण कराया था। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी।
परीक्षा केंद्र में जाने से पहले विद्यार्थियों को रजिस्ट्रेशन फॉर्म और एडमिट कार्ड में गलतियां चेक करने के लिए कहा गया। एनटीए ने कहा था कि गलती हुई तो उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा। एनटीए की तरफ से करेक्शन विंडो को परीक्षा से पहले तक खुला रखा हुआ है। कोई गलती है तो उसे समय रहते ही सुधार कर नया एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की व्यवस्था की गई थी।
उन छात्र-छात्राओं को जिनके पास मास्क नहीं था, उन्हें केंद्र में प्रवेश से पहले एन95 मास्क दिया गया। बच्चों को केंद्र में केवल पानी की बॉटल, जरूरी फोटो, एक फोटोयुक्त पहचान पत्र, दिव्यांग प्रमाण पत्र, 50 मिली की हैंड सैनिटाइजर की बॉटल, एडमिट कार्ड की फोटो कॉपी, बिना हस्ताक्षर का सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म ही ले जाने की इजाजत थी।
नाक-कान व हाथ-पैरों के आभूषण उतरवाए
परीक्षार्थियों को लंबी आस्तीन वाले कपड़े, ऊंची हील की सैंडल, जूते, बुंदा, बाली, नाक की कील, ताबीज आदि पहन कर परीक्षा देने की इजाजत नहीं थी। इनके साथ ही पाठ्य सामग्री (मुद्रित या लिखित), कागज के टुकड़े, ज्योमेट्री बॉक्स, पेंसिल बॉ़क्स, प्लास्टिक पाउच, कैलकुलेटर, कलम, स्केल, राइटिंग पैड, पेन ड्राइव, रबर, लॉग टेबल, इलेक्ट्रॉनिक पेन, स्कैनर, मोबाइल, ब्लूटूथ, ईयरफोन, माइक्रोफोन, पेजर, हेल्थ बैंड, बटुआ, गॉगल्स, हैंडबैग्स, बेल्ट, टोपी, घड़ी, कंगन, कैमरा, आभूषण, धातु की वस्तुएं, माइक्रो चिप और कोई भी खाद्य सामग्री साथ ले जाने भी वैध नहीं था। ऐसे में परीक्षा केंद्र में प्रवेश देने से पहले सभी बच्चों की कड़ाई से जांच की गई। युवतियों के नाक, कान, हाथ और पैर में पहने आभूषण उतरवा लिए गए। वहीं, जूते व जुराब उतरवाकर तलाशी ली गई।