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Delhi NCR News: सीलमपुर समेत तीन फ्लाईओवरों की परखी जाएगी मजबूती
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कंक्रीट, बेयरिंग और एक्सपेंशन जॉइंट की जांच के बाद तय होगी मरम्मत
16.32 करोड़ रुपये की योजना बनाई गई है सीलमपुर फ्लाईओवर के सुदृढ़ीकरण के लिए
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर, शाहदरा (अप्सरा बॉर्डर) और कड़कड़ी मोड़ फ्लाईओवर की मजबूती परखने के लिए वैज्ञानिक जांच की जाएगी। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) पुराने ढांचे में समय के साथ आई कमजोरी का आकलन कर जरूरत के मुताबिक मरम्मत कराने की तैयारी कर रहा है। इनमें सीलमपुर फ्लाईओवर के व्यापक पुनर्वास के लिए करीब 16.32 करोड़ रुपये की योजना बनाई गई है। काम पूरा करने के लिए 365 दिन की समयसीमा तय की गई है।
सीलमपुर फ्लाईओवर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के महत्वपूर्ण सड़क मार्गों में शामिल है। सीलमपुर, जाफराबाद, मौजपुर, शास्त्री पार्क और शाहदरा के बीच आवाजाही के लिए इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। प्रस्तावित कार्य में क्षतिग्रस्त कंक्रीट की मरम्मत, एक्सपेंशन जॉइंट बदलने और तापमान या कंपन के कारण होने वाली गति को संभालने के लिए लगाए गए इलास्टोमेरिक व पॉट-पीटीएफई बेयरिंग को बदलना शामिल है। आवश्यकता वाले हिस्सों को आधुनिक तकनीक से मजबूत भी किया जाएगा।
शाहदरा व कड़कड़ी मोड़ फ्लाईओवर की भी होगी जांच
शाहदरा (अप्सरा बॉर्डर) और कड़कड़ी मोड़ फ्लाईओवर की भी मजबूती परखने के लिए संरचनात्मक ऑडिट कराया जाएगा। विशेषज्ञ कंक्रीट की मजबूती, स्टील में जंग, बेयरिंग, एक्सपेंशन जॉइंट और अन्य तकनीकी हिस्सों की जांच करेंगे। ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर दोनों फ्लाईओवरों में मरम्मत या सुदृढ़ीकरण के काम तय किए जाएंगे।
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बढ़ते यातायात दबाव के बीच रखरखाव जरूरी
पीडब्ल्यूडी का यह कदम पुराने फ्लाईओवरों पर बढ़ते यातायात दबाव के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन मार्गों से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। नियमित तकनीकी जांच और समय पर मरम्मत से ढांचे की मजबूती बनाए रखने के साथ यातायात व्यवस्था को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
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16.32 करोड़ रुपये की योजना बनाई गई है सीलमपुर फ्लाईओवर के सुदृढ़ीकरण के लिए
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर, शाहदरा (अप्सरा बॉर्डर) और कड़कड़ी मोड़ फ्लाईओवर की मजबूती परखने के लिए वैज्ञानिक जांच की जाएगी। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) पुराने ढांचे में समय के साथ आई कमजोरी का आकलन कर जरूरत के मुताबिक मरम्मत कराने की तैयारी कर रहा है। इनमें सीलमपुर फ्लाईओवर के व्यापक पुनर्वास के लिए करीब 16.32 करोड़ रुपये की योजना बनाई गई है। काम पूरा करने के लिए 365 दिन की समयसीमा तय की गई है।
सीलमपुर फ्लाईओवर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के महत्वपूर्ण सड़क मार्गों में शामिल है। सीलमपुर, जाफराबाद, मौजपुर, शास्त्री पार्क और शाहदरा के बीच आवाजाही के लिए इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। प्रस्तावित कार्य में क्षतिग्रस्त कंक्रीट की मरम्मत, एक्सपेंशन जॉइंट बदलने और तापमान या कंपन के कारण होने वाली गति को संभालने के लिए लगाए गए इलास्टोमेरिक व पॉट-पीटीएफई बेयरिंग को बदलना शामिल है। आवश्यकता वाले हिस्सों को आधुनिक तकनीक से मजबूत भी किया जाएगा।
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शाहदरा व कड़कड़ी मोड़ फ्लाईओवर की भी होगी जांच
शाहदरा (अप्सरा बॉर्डर) और कड़कड़ी मोड़ फ्लाईओवर की भी मजबूती परखने के लिए संरचनात्मक ऑडिट कराया जाएगा। विशेषज्ञ कंक्रीट की मजबूती, स्टील में जंग, बेयरिंग, एक्सपेंशन जॉइंट और अन्य तकनीकी हिस्सों की जांच करेंगे। ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर दोनों फ्लाईओवरों में मरम्मत या सुदृढ़ीकरण के काम तय किए जाएंगे।
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बढ़ते यातायात दबाव के बीच रखरखाव जरूरी
पीडब्ल्यूडी का यह कदम पुराने फ्लाईओवरों पर बढ़ते यातायात दबाव के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन मार्गों से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। नियमित तकनीकी जांच और समय पर मरम्मत से ढांचे की मजबूती बनाए रखने के साथ यातायात व्यवस्था को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।