राजधानी में शुक्रवार मोहर्रम के मौके पर कड़े सुरक्षा इंतजाम के बीच मोहर्रम मनाया गया। मोहम्मद साहब के नवासे (नाती) (हजरत हुसैन) व उनके 72 साथियों की शहादत को याद करते हुए ताजिये निकाले गए। लोगों ने उनकी कुर्बानी को याद करते हुए मातम (शोक) किया।
राजधानी में छोटे-बड़े करीब 300 से अधिक ताजियों के जुलूस निकाले गए। लोगों ने मातम मनाते हुए इन ताजिया को अलग-अलग कर्बला (कब्रिस्तान) में सुपुर्द-ए-खाक किया। जगह-जगह अन्य धर्मों के लोगों ने छबील लगाकर लोगों को शर्बत व फल बांटे। हालांकि जुलूस की वजह से कई मुख्य सड़कों पर जाम भी लगा।
शहीदों की याद में गमगीन हुए लोगों ने अपने वतन और पूरी दुनिया के लिए अमन की दुआएं मांगी। राजधानी में विभिन्न जगह निकले जुलूसों में भारी संख्या में औरतों व बच्चों ने भी भाग लिया। अंजुमन ताजियादारान ऑर्गनाइजेशन की ओर से ताजिया दोपहर के समय, छत्ता शहजाद कलां महल से शुरू हुआ और पहाड़ी भोजला, चितली कब्र, मटिया महल चौक, जामा मस्जिद, चावड़ी बाजार, चौक हौजकाजी, अजमेरी गेट, पहाड़गंज ब्रिज, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, चेम्सफोर्ड रोड, कनॉट प्लेस, पार्लियामेंट स्ट्रीट, रेडक्रास रोड, कृषि भवन गोलचक्कर, रायसीना रोड, विजय चौक, कृष्णा मेनन मार्ग, तुगलक रोड, अरविंदो मार्ग होते हुए जोरबाग स्थित कर्बला पहुंचा।
दूसरे ताजिया उत्तरी जिले में पहाड़ी धीरज से दोपहर एक बजे शुरू हुए। यहां से पहाड़गंज ब्रिज, कुतुब रोड होते हुए आगे चेम्सफोर्ड रोड पर मेन ताजिया में शामिल हुआ।
वहीं, शिया जामा मस्जिद कश्मीरी गेट चाबी गंज, छोटा बाजार, बड़ा बाजार होते हुए जुलूस पंजा शरीफ पर शाम को समाप्त हो गया। वहीं, दूसरी ओर कराला गांव, सीमापुरी, नंद नगरी जाफराबाद, सीलमपुर, जामा मस्जिद, तुर्कमान गेट, अजमेरी गेट, दरियागंज, निजामुद्दीन, संगम विहार, ओखला, जामिया नगर, बटला हाउस, कांति नगर, जोरबाग महरौली आदि इलाकों मेें मोहर्रम के मौके पर जुलूस और ताजिये निकाले गए।