58 साल बाद पहली बार ऐसा मौका आया है जब जून माह में एक साथ 2 ग्रहण लगने जा रहे हैं। इस महीने में सूर्य और चंद्र ग्रहण दोनों ही लगने वाले हैं। पांच जून को चंद्र ग्रहण लगेगा और इसके बाद 21 जून को सूर्य ग्रहण लगेगा। वहीं तीस दिनों के अंदर तीन ग्रहण लगेंगे। तीसरा ग्रहण जुलाई में है। एक महीने के अंदर तीन ग्रहण लगने से धार्मिक विद्वान काफी चिंता में हैं। ऐसे में आज लगने वाले चंद्र ग्रहण का समय क्या होगा, इसका हम पर क्या प्रभाव पड़ेगा व आने वाले ग्रहण को लेकर विद्वान क्या उपाय कर रहे हैं जानिए सबकुछ....
30 दिनों में तीन ग्रहण ने बढ़ाई धार्मिक विद्वानों की चिंता, पहला चंद्र ग्रहण आज, जानिए हर जरूरी बात
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58 साल बाद बन रहा विशेष संयोग
इस महीने में सूर्य और चंद्र ग्रहण दोनों ही लगने वाले हैं। पांच जून को चंद्र ग्रहण लगेगा और इसके बाद 21 जून को सूर्य ग्रहण लगेगा। ज्योतिषियों के अनुसार ऐसा योग 1962 में बना था। जब शनि मकर राशि में वक्री था। इस बार भी वही योग बन रहा है। ज्योतिषियों ने बताया कि इस बार हिंदी पंचांग के अनुसार एक ही माह में तीन ग्रहण होने वाले हैं। इसमें पांच जून को चंद्र ग्रहण, 21 जून को सूर्य ग्रहण और पांच जुलाई को फिर से चंद्र ग्रहण होगा।
शनि के मकर राशि में वक्री रहते एक महीने में 2 चंद्र और एक सूर्य ग्रहण
ज्योतिषाचार्य पंडित सर्वेश पांडे ने बताया कि इस समय शनि मकर राशि में वक्री है। 5 जून को ज्येष्ठ की मास की पूर्णिमा है। हालांकि इस चंद ग्रहण का भारत में प्रभाव नहीं पड़ेगा। देश में 21 जून को आषाढ़ मास की अमावस्या है। उन्होंने कहा कि 21 जून को खंडग्रास यानी आंशिक सूर्य ग्रहण रहेगा। ये ग्रहण भारत के अलावा यूरोप और अन्य देशों में भी दिखेगा। ग्रहण का स्पर्श सुबह 10.14 मिनट पर, ग्रहण का मध्य 11.56 मिनट पर और ग्रहण का मोक्ष 1.38 मिनट पर होगा। ग्रहण का सूतक काल 20 जून की रात 10.14 मिनट से आरंभ हो जाएगा। सूतक जो 21 जून की दोपहर 1.38 तक रहेगा।
किन पर रहेगा संकट
फरीदाबाद के काली मंदिर संस्थान के प्रधान राकेश कुमार ने कहा कि जब मिथुन राशि में सूर्य या चंद्र ग्रहण होता है तो उच्च पदों पर स्थित महिलाएं, मंत्री, कला क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए समय कष्टकारी होता है। उन्होंने कहा कि इस बार के सूर्य ग्रहण से कोरोना महामारी संकट कटेगा। विश्व को महामारी से निजात मिलेगी।
चिंता का है विषय
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य ग्रहण और चंद्रग्रहण का पूरी दुनिया पर असर होता है। बीते साल दिसंबर में जब सूर्य ग्रहण लगा था, तो कई ज्योतिषियों ने कहा था कि यह ग्रहण दुनिया के लिए कष्टकारी होगा। स्थिति यह है कि आज पूरी दुनिया एक लाइलाज महामारी से लॉकडाउन है। इस साल जून और जुलाई के महीने में करीब 30 दिन के अंदर तीन ग्रहण लगने जा रहे हैं ऐसे में इसका क्या असर होगा। यह ज्योतिष के जानकारों एवं धर्म गुरुओं के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। ज्योतिष महर्षि पंडित प्रकाश जोशी ने बताया कि इस वर्ष आषाढ़ के महीने में 6 जून से 5 जुलाई के बीच तीन ग्रहण लगने जा रहे हैं। इनमें से दो ग्रहण भारत में दृश्य होंगे।