संसदीय सीट से गठबंधन के प्रत्याशी आजम खां पर आचार संहिता लागू होने के बाद अब तक नौ मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। उनके निशाने पर सिर्फ सियासी प्रतिद्वंदी ही नहीं, बल्कि अधिकारी भी हैं। लोकसभा चुनाव को लेकर जैसे-जैसे समय बढ़ रहा है वैसे ही नेताओं की भाषा भी बदल रही है। रामपुर से समाजवादी पार्टी के नेता और प्रत्याशी आजम खां अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं।
इस बार भी अपने मिजाज के अनुसार आजम खां के बयान फिर से चर्चा का विषय बने हुए हैं। वह सिर्फ अपने सियासी विरोधियों को लेकर नहीं, बल्कि अधिकारियों के प्रति बयानबाजी को लेकर भी चर्चाओं में हैं। उनकी बयानबाजी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आचार संहिता लागू होने के बाद से आजम खां के खिलाफ अब तक नौ मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
आजम खां के खिलाफ दो अप्रैल को कोतवाली में पहला मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोप है कि सपा नेता 29 मार्च को सपा कार्यालय पर भाषण दिया था, आरोप है कि उन्होंने अधिकारियों के खिलाफ भड़काऊ भाषण दिया था। यह मुकदमा कांग्रेस नेता फैसल लाल की तहरीर पर दर्ज हुआ था।चार अप्रैल को स्वार कोतवाली क्षेत्र में अनुमति से अधिक देर तक रोड शो निकालने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया जबकि, आठ अप्रैल को टांडा थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। तब उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और प्रशासनिक अफसरों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषण दिया था।
नौ अप्रैल को शाहबाद कोतवाली क्षेत्र के सैफनी में हुई जनसभा में संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों और अधिकारियों पर टिप्पणी करने को लेकर मुकदमा हुआ। दस अप्रैल को थाना शहजादनगर क्षेत्र के धमोरा में जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर मुकदमा दर्ज किया गया। जबकि, इसी दिन बिलासपुर कोतवाली क्षेत्र के टांडा हुरमतनगर गांव में हुई जनसभा में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर मुकदमा दर्ज किया गया।
5 of 5
आजम खां
- फोटो : amar ujala
मिलक कोतवाली क्षेत्र के ग्राम खाता नगरिया में जनसभा में भड़काऊ भाषण देने पर मुकदमा दर्ज हुआ। 13 अप्रैल को खजुरिया थाना क्षेत्र के अहरो गांव में जनसभा में जिलाधिकारी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर खजुरिया थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। 14 अप्रैल को शाहबाद कोतवाली में भाजपा प्रत्याशी एवं फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर मुकदमा दर्ज हुआ।