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अटल यात्राः दिल में दर्द का गुबार और आंखें हुईं नम, पुष्पवर्षा से सड़कें हुईं गुलाबी, देखें तस्वीरें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 18 Aug 2018 12:06 AM IST
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atal bihari vajpayee
- फोटो : अमर उजाला
समय: शुक्रवार दोपहर 2 बजे। दिल्ली का सबसे हराभरा दिखाई देने वाले डीडीयू मार्ग पर जनसैलाब। दिल में अपने चहेते नेता को खोने का बेइंतहा दर्द और नम आंखों के साथ सड़क के दोनों तरफ कतार में लगे ये लोग कई घंटों से अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने के लिए इंताजर कर रहे थे। कोई बिहार से आया था तो कोई यूपी से। कोई चेन्नई का था तो कोई गुजरात के वडोदरा से आया था। कई लोग पश्चिम बंगाल और कर्नाटक से भी पहुंचे थे।
atal bihari vajpayee
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि दिल्ली पहुंचने में देरी होने से इन लोगों को भाजपा मुख्यालय में प्रवेश नहीं मिला, लेकिन इन्होंने पूर्व पीएम के अंतिम दर्शन करने के बाद ही घर वापस जाने की ठानी थी। अभी इन लोगों से बात ही चल रही थी कि भाजपा मुख्यालय की ओर से गगनभेदी नारों की आवाज सुनाई दी। चंद ही सेंकड में फूलों से सजा सैन्य ट्रक धीरे-धीरे आगे बढ़ता चला आ रहा था। पीछे-पीछे लोगों का हुजूम था।
atal bihari vajpayee
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि सुरक्षा कारणों से भीड़ को जवानों ने थोड़ी दूर रखा, इसकी जानकारी लोगों को भी दी। करीब आठ मिनट बाद जब अटल का कारवां करीब से गुजरने लगा तो एकाएक निगाहें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जा टिकीं। सफेद पोश में मोदी, चेहरे पर पसीना। शव यात्रा में पीएम मोदी, अमित शाह सहित तमाम मुख्यमंत्री और मंत्री पैदल ही चले जा रहे थे। इनके पीछे सैन्य वाहनों का करीब एक किलोमीटर लंबा काफिला भी था, लेकिन वाहनों की कतार से ज्यादा लोगों का सैलाब दिखाई दे रहा था।
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atal bihari vajpayee
- फोटो : अमर उजाला
गुलाब की पंखुड़ियों से सजाया मार्ग
भारत रत्न की अंतिम यात्रा आईटीओ पहुंच चुकी थी। वक्त करीब 2 बजकर 40 मिनट के आसपास था। लोगों ने उनके मार्ग को गुलाब की पंखुड़ियों से सजा दिया था। पुष्पवर्षा के जरिए लोगों ने श्रद्घांजलि भी दी। सड़कों के दोनों छोर पर लगे बड़े-बड़े होर्डिंग में अटल जी की तस्वीरें नजर आ रहीं थी। साथ में लिखा था, मैं जी भर जिया, मैं मन से मरुं, लौटकर आऊंगा, कूच से क्यों डरुं...। वहीं कुछ होर्डिंग पूर्व पीएम को शत-शत नमन के लिए भी थे। भीड़ में भी अटल जी की तस्वीरें दिखाई दे रही थीं। लोग हाथों में कटआउट लेकर दौड़ते जा रहे थे।
भारत रत्न की अंतिम यात्रा आईटीओ पहुंच चुकी थी। वक्त करीब 2 बजकर 40 मिनट के आसपास था। लोगों ने उनके मार्ग को गुलाब की पंखुड़ियों से सजा दिया था। पुष्पवर्षा के जरिए लोगों ने श्रद्घांजलि भी दी। सड़कों के दोनों छोर पर लगे बड़े-बड़े होर्डिंग में अटल जी की तस्वीरें नजर आ रहीं थी। साथ में लिखा था, मैं जी भर जिया, मैं मन से मरुं, लौटकर आऊंगा, कूच से क्यों डरुं...। वहीं कुछ होर्डिंग पूर्व पीएम को शत-शत नमन के लिए भी थे। भीड़ में भी अटल जी की तस्वीरें दिखाई दे रही थीं। लोग हाथों में कटआउट लेकर दौड़ते जा रहे थे।
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- फोटो : अमर उजाला
मदरसों के बच्चों ने की पुष्प वर्षा
आईटीओ से बहादुर शाह जफर मार्ग पर कोटला का तिराहा पार करते ही मस्जिद के बाहर मौजूद मदरसों के बच्चों ने गुलाब की पुष्पवर्षा शुरू कर दी। उन्होंने दोनों हाथ जोड़े और फिर अल्लाह से पूर्व पीएम को जन्नत नसीब कराने की दुआएं भी मांगी। इसके बाद अंतिम यात्रा दिल्ली गेट पहुंची और वहां से शाम करीब 3 बजकर 15 मिनट पर दरियागंज के रास्ते 3 बजकर 40 मिनट पर राष्ट्रीय स्मृति स्थल। करीब छह किलोमीटर लंबे इस सफर को तय करने के बाद भी लोगों का हुजूम कम नहीं हुआ था।
आईटीओ से बहादुर शाह जफर मार्ग पर कोटला का तिराहा पार करते ही मस्जिद के बाहर मौजूद मदरसों के बच्चों ने गुलाब की पुष्पवर्षा शुरू कर दी। उन्होंने दोनों हाथ जोड़े और फिर अल्लाह से पूर्व पीएम को जन्नत नसीब कराने की दुआएं भी मांगी। इसके बाद अंतिम यात्रा दिल्ली गेट पहुंची और वहां से शाम करीब 3 बजकर 15 मिनट पर दरियागंज के रास्ते 3 बजकर 40 मिनट पर राष्ट्रीय स्मृति स्थल। करीब छह किलोमीटर लंबे इस सफर को तय करने के बाद भी लोगों का हुजूम कम नहीं हुआ था।