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जानिए कौन है निहारिका, जिन्होंने आखिरी वक्त तक की वाजपेयी की सेवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 17 Aug 2018 09:42 PM IST
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नातिन निहारिका के साथ पूर्व पीएम वाजपेयी
- फोटो : अमर उजाला
पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का गुरुवार (16 अगस्त) को निधन हो गया है। अटल बिहारी वाजपेयी के देश ही नहीं विदेशों में एक विराट व्यक्तित्व, कवि, पत्रकार, प्रखर वक्ता और नेता के रूप में जाना जाता था। अटल बिहारी तीन बार प्रधानमंत्री बने। वाजपेयी एक ऐसे प्रधानमंत्री थे, जो गैरकांग्रेसी थे और पांच साल का कार्यकाल पूरा किया।
बेटी नमिता और नातिन निहारिका
- फोटो : अमर उजाला
2014 में वाजपेयी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। वह करीब 15 साल पहले राजनीति से संन्यास ले चुके थे। लेकिन जिंदगी के अंतिम पड़ाव में उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। वाजपेयी 2009 से डिमेंशिया से पीड़ित थे। इस बीमारी की वजह से उनकी याददाश्त काफी कमजोर हो गई थी।
atal bihari vajpayee
- फोटो : pti
पिछले 9 हफ्ते से उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई थी। इस वजह से उन्हें दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, दिल्ली (एम्स) में 11 जून को भर्ती कराया गया था। वाजपेयी को किडनी ट्रैक्ट इंफेक्शन, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, पेशाब आने में दिक्कत और सीने में जकड़न की शिकायत हो गई थी।
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atal bihari vajpayee
- फोटो : Ani
11 जून को एम्स में भर्ती कराया गया था। उन्हें दिल्ली के एम्स में जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया था। 16 अगस्त को शाम करीब 5.05 बजे एम्स में अंतिम सांस ली। ऐसे में वाजपेयी की बेटी नमिता और उनकी नातिन निहारिका ने अटल बिहारी वाजपेयी की सेवा की। शुक्रवार शाम 4.56 बजे राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर हल्की बूंदाबांदी के बीच बेटी नमिता ने वाजपेयी के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी।
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atal ji
यमुना के घाट पर ‘राष्ट्रीय स्मृति स्थल’ पर वाजपेयी का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। वैसे तो अटल जी जीवन भर अविवाहित रहे लेकिन जब वह 1998 में प्रधानमंत्री बने तो उनकी दोस्त राजकुमारी कौल की बेटी और उनकी दत्तक पुत्री नमिता और उनके पति रंजन भट्टाचार्य का परिवार उनके साथ रहने आया।