करीब 85 साल पुराने रीगल सिनेमा अब इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएगा। बृहस्पतिवार को राजकपूर की फिल्म संगम के लास्ट शो के साथ यह बंद हो गया। रीगल सिनेमा से लोगों की यादों किस कदर जुड़ी है कि लास्ट डे लास्ट शो देखने के लिए टिकट पाने वालों की कतार सुबह से लगी थी। जितने टिकट लेने वाले थे उतने ही ऐसे युवा भी आए थे जो अपने या माता पिता की यादों को संजोए रखने के लिए सिर्फ टिकट खरीद रहे थे, जिसे वह संजोकर रखना चाहते थे। (सभी फोटो: कुमार संजय)
{"_id":"58dd2a9e4f1c1b360763dd3c","slug":"last-day-of-historical-regal-cinema-hall-in-delhi-and-people-reaction","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"ऐतिहासिक सिनेमा हाल का आखिरी दिन, टिकट पाने की जुगाड़ में लगे बुजुर्ग से ब्यूरोक्रेट्स तक ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऐतिहासिक सिनेमा हाल का आखिरी दिन, टिकट पाने की जुगाड़ में लगे बुजुर्ग से ब्यूरोक्रेट्स तक
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 31 Mar 2017 06:52 PM IST
विज्ञापन
regal
रीगल के लास्ट डे कुल चार शो दिखाएं गए। जिसमें पहले दो शो नई फिल्म फिल्लौरी थी। उसके बाद दो शो राजकपूर की फिल्में थी। पहली छह बजे मेरा नाम जोकर और दूसरा रात दस बजे संगम। दोनों ही शो हाउसफुल रहा। संचालकों का कहना है कि राजकपूर का आखिरी शो रखने का मकसद उन्हें याद करना था। क्योंकि उन्होंने अपनी करीब 25 फिल्मों का प्रीमियर रीगल सिनेमा हॉल में ही किया था।
रीगल के आखिरी दिन को याद के रूप में संजोए रखने की छटपटाहट ऐसे देखी जा सकती है कि रीगल के मैनेजर रूप घई के पास लगातार पुलिस, बड़े ब्यूरोक्रेट्स कई दिल्ली पुलिस के उच्चाधिकारी, एनडीएमसी के अधिकारी उनके पास लास्ट डे और लास्ट शो के टिकट बुक कराने की जुगत में लगे थे। कुछ अधिकारियों ने तो अपने कर्मचारियों को वहां भेज रखा था जिससे शाम को फिल्म देखने में कोई दिक्कत ना हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
रीगल के मैनेजर रूप घई ने बताया कि रीगल से ऐतिहासिक यादें जुड़ी है। यही वजह है कि लोगों को इससे प्यार है। उन्होंने बताया कि पीवीआर मैनेजमेंट से भी उनके पास टिकट के लिए फोन आया है। हम उन्हें टिकट दे रहे है। मगर हमारे पास सिर्फ नीचे के टिकट ही बचे है। बॉलकनी के टिकट ऑनलाइन बुक हो चुके है।
विज्ञापन
फिर लौटेगा बदला हुआ रीगल: सिंगल स्क्रीन रीगल सिनेमा का पर्दा गिर गया है। मगर वह मॉल व मल्टीप्लेक्स कल्चर में फिर वापस लौटेगा, मगर कब अभी यह बताने में संचालक भी असमर्थ है। उनके मुताबिक लाइसेंस मिलने के बाद ही डेडलाइन तय की जा सकती है। मगर जब लौटेगा तो इससे ऐतिहासिक यादें लगभग धूमिल हो चुकी होगी। क्योंकि तब यह सिंगल स्क्रीन थियेटर नहीं बल्कि चार स्क्रीन वाला मल्टीप्लेक्स होगा। यह आधुनिक सिनेमाहाल के दौड़ में शामिल हो चुका होगा।