किडनी रैकेट के आरोपियों ने वाट्सएप पर किडनी डोनेट के नाम से बहुत सारे ग्रुप बना रखे थे। ये पीड़ित की तलाश के लिए इन वाट्सएप ग्रुप को सर्च करते रहते थे। ये ज्यादातर पीड़ित व रिसीवर को व्हाट्सएप ग्रुप पर ही तलाश करते थे। जांच में खुलासा हुआ है कि इन्होंने ऐसे करीब 20 से ज्यादा व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हुए थे। आरोपियों को कई रिसीवर व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए ही मिले थे। दूसरी तरफ बीमार व गरीब लोगों को ये पैसे के बहाने अपने जाल में फंसाते थे। आगे जानिए कैसे गिरोह के मास्टरमाइंड ने किडनी ट्रांसप्लांट की बारीकियां सीखी थीं जबकि वह सिर्फ दसवीं पास है...
Kidney Racket: 10वीं पास कुलदीप ही निकालता और लगाता था किडनी, मास्टरमाइंड ने ऐसे सीखीं बारीकियां
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Sat, 04 Jun 2022 10:16 AM IST
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