बाहरी जिला पुलिस ने बुधवार को सुल्तानपुरी कांड के पांचों आरोपियों की कार का निरीक्षण किया। इस दौरान रोहिणी स्थित फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम भी मौजूद थी। बाहरी जिला डीसीपी हरेंद्र सिंह ने निरीक्षण खुद किया। वह खुद कार के नीचे लेटे और देखा कि कार में युवती अंजलि कहां फंसी थी। बाहरी जिला पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कार के नीचे उठाए गए और व अन्य सैंपल बुधवार को एफएसएल में जमा दिए।
कंझावला कांड: अंजलि के फंसे होने के बाद भी कैसे चलती रही कार, कहां फंसी थी युवती? निरीक्षण में ये बात आई सामने
बाहरी जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि कार का निरीक्षण करीब ढाई घंटे चला। इस दौरान देखा गया कि एक्सीडेंट कैसे हुआ। कार के नीचे युवती कैसे फंस गई। युवती के फंसे होने के बावजूद कार कैसे चलती रही। जिस तरह युवती के शरीर पर चोट के निशान लगे उस हिसाब से युवती कार में कहां फंसी थी। डीसीपी हरेंद्र सिंह ने कार के नीचे घुसकर देखा कि युवती कार में कहां अटकी थी। शुरुआती निरीक्षण में ये बात सामने आई है कि युवती कार के पहिए के चक्कर के अंदर साइड में फंस गई थी। इसमें युवती का पैर फंसा था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार कार की चैसिस में काफी खून लगा हुआ है। चैसिस में खून कंडक्टर साइड में आगे से लेकर पीछे तक लगा हुआ है। एफएसएल टीम ने कार से एक बार फिर खून के सैंपल उठाए हैं। इन सैंपल को अंजलि के परिजनों के डीएनए से मैच किया जाएगा। दूसरी तरफ आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। आरोपी अपने बयानों पर कायम हैं। आरोपियों एक साथ बैठाकर व अलग-अलग बैठाकर पूछताछ की जा रही है।
पीड़ित परिवार ने निधि पर लगाए गंभीर आरोप
कंझावला सड़क हादसे में पीड़ित परिवार ने मृतका की सहेली निधि पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार ने निधि पर हत्या का केस चलाने की मांग की है। परिवार ने आरोप लगाया है कि अंजलि की हत्या हुई है और कहीं न कहीं इस सब में निधि भी शामिल थी। इसी बीच अंजलि की मां ने निधि के इस दावे को भी खारिज कर दिया है कि उनकी बेटी शराब पीती थी।
अंजलि के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देंगे-सिसोदिया
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अंजली के परिवार से मुलाकात की है। उनके साथ संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज भी थे। इस दौरान उन्होंने एलान किया कि दिल्ली सरकार अंजलि के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देंगे। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि यह घटना बहुत दु:खद है। आज मैं परिवार से मिला। लड़की की मां के इलाज में भी जो भी जरूरत होगी वो दिल्ली सरकार की तरफ से करवाया जाएगा। सरकार की तरफ से 10 लाख की सहायता दी जा सकती है इसकी मुख्यमंत्री ने घोषणा की है।