प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे चोरों के निशाने पर आ गया है। चोर सोलर पैनल, बैटरी, लोहा और अंडर पास की लाइटें आदि सामान चुराकर ले गए। एनएचएआई के अधिकारी नुकसान की सूची तैयार कराने में जुटे हैं। अब तक के आकलन के हिसाब से 26 दिनों में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से लगभग 7 करोड़ रुपए के सामान की चोरी हो चुकी है।
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eastern peripheral expressway
- फोटो : अमर उजाला
डासना से कुंडली तक जगह-जगह सामान चोरी किया गया है। सबसे अधिक नुकसान खेकड़ा रेलवे ओवरब्रिज से डासना के बीच है। चोरी हुए सामान की कीमत लाखों में नहीं बल्कि करोड़ों में है।
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Eastern Peripheral Expressway
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन 27 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। इसके बाद से ट्रायल के तौर पर इसे वाहनों के लिए खोल दिया गया। इसके बाद एक्सप्रेस वे पर वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है, लेकिन पिछले 15 दिन में ही चोरों ने भी एक्सप्रेस-वे से कीमती सामान चोरी करना शुरू कर दिया है।
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Eastern Peripheral Expressway
एनएचएआई के अधिकारियों के मुताबिक डासना से कुंडली तक जगह-जगह सोलर पैनल चोरी किए गए हैं। इसके अलावा अंडर पास की लाइटें, बैटरी, रंग-बिरंग फव्वारों की टोंटी तक भी चोरी कर ली गई। सिर्फ 26 दिन में ही करोड़ों रुपयों के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। एनएचएआई के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। उनका कहना है कि जो नुकसान हुआ है, उसकी लिस्ट तैयार कराई जा रही है। हालांकि कितने करोड़ का नुकसान हुआ है, यह अभी स्पष्ट नहीं है। सूची बनने के बाद ही सही बताया जा सकता है।
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कैनोपी भी कर दी गई थी क्षतिग्रस्त मवी कलां गांव के इंटरचेंज पर बनाई गई इंडिया गेट की कैनोपी को भी पिछले दिनों असामाजिक तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया था। अभी तक यह कैनोपी भी ठीक नहीं कराई गई है। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन जरूर हो गया, लेकिन यह अभी आधा अधूरा है। वाहनों के लिए इसे खोला जा चुका है। जबकि इसकी फिनिशिंग का कार्य चल रहा है। टोल प्लाजा तक बनकर तैयार नहीं है।