फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Pahalgam Attack: हाथों से मेहंदी नहीं उतरी और उजड़ गया मेरी पोती का संसार, हिमांशी की दादी ने बयां किया दर्द

Thu, 24 Apr 2025 03:00 PM IST
शाहरुख खान सौम्या गुप्ता, अमर उजाला, गुरुग्राम
सौम्या गुप्ता, अमर उजाला, गुरुग्राम Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 24 Apr 2025 03:00 PM IST
सार

पहलगाम में आतंकी हमले में मारे गए विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी की दादी और बुआ का रो-रोकर बुरा हाल है। दादी का कहना है कि हाथों से मेहंदी नहीं उतरी और मेरी पोती का संसार उजड़ गया। उन्होंने कहा कि खुशियों को ग्रहण लग गया।

विज्ञापन
Pahalgam Attack Victim Himansi Grandmother Share Her Pain My Granddaughter’s World Was Shattered
विनय नरवाल और हिमांशी की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
15 दिन में मेरी पोती का संसार उजड़ गया, क्या करूं नियति को शायद यही मंजूर था, अब क्या होगा मेरी पोती का... यह दर्द था पहलगाम में आतंकियों की गोली का शिकार बने नेवी में लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी की दादी का। घर में दादी फूट-फूटकर रो रहीं थी जबकि अन्य परिजन भी मातम में डूबे हुए थे।


लेफ्टिनेंट विनय नरवाल का विवाह 16 अप्रैल को गुरुग्राम की हिमांशी से हुआ था और उनका ससुराल गुरुग्राम के सेक्टर-47 में स्थित है। इस घटना के बाद से यहां परिवार को ढांढस बांधने के लिए लोगों का आना-जाना जारी रहा। 
Pahalgam Attack Victim Himansi Grandmother Share Her Pain My Granddaughter’s World Was Shattered
परिवार के साथ लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
रोते हुए दादी ने अमर उजाला टीम को बताया कि जनवरी में विनय और उनकी पोती हिमांशी का रिश्ता पक्का हुआ था। छह अप्रैल को दोनों की सगाई हुई और 16 अप्रैल को दोनों की धूमधाम से शादी की गई मगर आज सात दिन बाद उनकी पोती की पूरी दुनिया ही खत्म हो गई। अभी तक तो उसके हाथों की मेहंदी भी नहीं उतरी थी।
 
Pahalgam Attack Victim Himansi Grandmother Share Her Pain My Granddaughter’s World Was Shattered
लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
कुछ ऐसा ही हाल हिमांशी की बुआ बबीता का भी था। वह भी बात करते-करते रोती रहीं। दूसरे परिजन दादी और बुआ को संभालने और ढांढस बांधने में जुटे हुए थे। बुआ ने बताया कि विनय और हिमांशी के पिता पहले से दोस्त थे और इसी दोस्ती ने पारिवारिक रिश्ते का रूप ले लिया था। दोनों परिवार इस रिश्ते से बहुत खुश थे मगर हमें क्या पता था कि इन खुशियों को ग्रहण लगने वाला है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Pahalgam Attack Victim Himansi Grandmother Share Her Pain My Granddaughter’s World Was Shattered
लेफ्टिनेंट विनय नरवाल को श्रद्धांजलि देतीं पत्नी हिमांशी - फोटो : ANI
उन्होंने बताया कि हमले की खबर मिलते ही हिमांशी के माता-पिता और भाई तुरंत कश्मीर के लिए रवाना हो गए और परिवार पूरी तरह से सदमे में आ गया। काफी देर तक तो समझ ही नहीं आया कि क्या हो रहा है। सभी बदहवास इधर-उधर फोन घुमाकर हालात जानने की कोशिश करते रहे। उनके अनुसार उनका दामाद विनय बहुत खुशमिजाज और जिम्मेदार लड़का था। शादी के बाद 20 अप्रैल को वह पहली बार गुरुग्राम आया था। विनय और हिमांशी 21 अप्रैल को आईजीआई एयरपोर्ट से कश्मीर घूमने के लिए रवाना हो गए थे। उधर, हिमांशी के घर में मातम का माहौल छाया रहा।
 
विज्ञापन
Pahalgam Attack Victim Himansi Grandmother Share Her Pain My Granddaughter’s World Was Shattered
लेफ्टिनेंट विनय नरवाल को श्रद्धांजलि देतीं पत्नी हिमांशी - फोटो : पीटीआई
शौक से पहना सुहाग चूड़ा अब सूनीं हो गईं कलाइयां 
शादी से पहले हिमांशी ने शौक से सुहाग का चूड़ा पहना था। अब पति के जाते ही चूड़ा उतरने पर कलाइयां सूनी पड़ गईं। अब बेसुध हिमांशी को समझ नहीं आ रहा कि उसकी खुशियों भरी जिंदगी की शुरुआत में ही ये कैसे हो गया। साथ जीने-मरने की खाई कसम को आतंकियों ने तोड़ दिया। हाथों में सजा सुहाग का चूड़ा भी उतरा गया। वहीं, इकलौते बेटे की शादी का दादा और पिता ने सेक्टर-7 स्थित घर में जश्न मनाया था। मंगलवार रात तक मिठाइयां थीं लेकिन अचानक गम का माहौल बन गया।

 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed