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चिनटेल्स हादसा: मलबे को छूते ही विशेषज्ञों ने कहा-यह क्या मजाक है, लोगों से पूछा कि कौन है हादसे का चश्मदीद?
Sat, 19 Feb 2022 09:43 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 19 Feb 2022 09:43 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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गुरुग्राम की चिनटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी में 10 फरवरी को डी टॉवर की छठी मंजिल के फ्लैट की छत गिरने से हुए हादसे की जांच करने शुक्रवार को आईआईटी दिल्ली की टीम संरचनात्मक ऑडिट के लिए पहुंची। टीम के एक सदस्य ने जैसे ही मलबे के ढेर को हाथ लगाया तो छूटते ही कहा यह क्या मजाक है? शुक्रवार की दोपहर करीब 2 बजे आईआईटी दिल्ली की टीम चिनटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी में पहुंच गई। टीम के सदस्य सबसे पहले हादसे वाले डी टॉवर के पास पहुंचे। यहां पर ध्वस्त हुए फ्लैटों के मलबे का ढेर लगा हुआ था। सोसाइटी के लोगों के मुताबिक कुछ मिनटों तक टीम के सदस्य टॉवर के ध्वस्त हुए हिस्से को देखते रहे। वह इस बात का आंकलन कर रहे थे कि जिस समय हादसा हुआ होगा, उस समय बिल्डिंग का क्षतिग्रस्त हिस्सा किस प्रकार नीचे आया होगा। इसके बाद टीम के एक सदस्य ने मलबे के ढेर में से कुछ हिस्सा हाथ में लिया। उसको कुछ देर तक देखा और हाथ से नीचे यह कहते हुए गिरा दिया कि यह क्या मजाक है?
आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञ
- फोटो : अमर उजाला
टीम के इस रुख से सोसाइटी के लोगों ने अनुमान लगाया कि वह लोग मलबा देखकर समझ गए हैं कि निर्माण की गुणवत्ता ठीक नहीं है। टीम के सदस्यों ने सोसाइटी में रह रहे लोगों से पूछा कि हादसे का चश्मदीद कौन है? इस पर कुछ लोग, जो हादसे के चश्मदीद थे, उन्हें बुलाया गया।
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टीम के सदस्यों ने उनसे जानकारी जुटाई और अपने कुछ सवाल भी पूछे। टीम ने पूछा कि सोसाइटी की इमारत में घटिया निर्माण से संबंधित शिकायतें कब से आनी शुरू हुई थीं। टीम के सदस्यों ने टॉवर ई, एफ, जी और एच में जाकर उन फ्लैटों का भी निरीक्षण किया, जहां पर दरारें आने और फर्श उखड़ने की शिकायतें आ रही थीं। आईआईटी दिल्ली की टीम इन चारों टॉवर के संबंध में अगले 5 से 7 दिन में अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपेगी।
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200 परिवारों का फैसला अगले 7 दिन में
शुक्रवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली की सात सदस्यीय टीम ने वहां पहुंच कर संरचनात्मक ऑडिट का काम शुरू कर दिया है। टीम ने हादसे वाली डी टॉवर पहुंच कर नमूने जुटाए हैं। इसके अलावा ई, एफ, जी, एच टॉवर से भी नमूने लिए।
शुक्रवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली की सात सदस्यीय टीम ने वहां पहुंच कर संरचनात्मक ऑडिट का काम शुरू कर दिया है। टीम ने हादसे वाली डी टॉवर पहुंच कर नमूने जुटाए हैं। इसके अलावा ई, एफ, जी, एच टॉवर से भी नमूने लिए।
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इन टॉवरों को भी रहने के लिए असुरक्षित माना गया है। यहां रह रहे 200 परिवारों की चिनटेल्स की पास की सोसाइटी में शिफ्ट किए जाने के संबंध में प्रशासन अगले सात दिन में फैसला लेगा।