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Gurugram News: सड़क धंसने की समस्या होगी दूर, पुरानी सीवर लाइन होगी मजबूत
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मास्टर सीवर लाइन की मशीन वाउंड स्पाइरल लाइनिंग तकनीक से होगी मरम्मत
सेक्टर-39/46 के बीच मास्टर रोड के साथ गुजर रही है बीस साल पुरानी मास्टर सीवर लाइन
जीएमडीए ने 8.20 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर-39/46 के बीच मास्टर रोड के साथ गुजर रही करीब बीस साल पुरानी मास्टर सीवर लाइन को ठीक कराया जाएगा। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की ओर से इसके लिए करीब 8.20 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है। परियोजना के तहत 750 और 900 एमएम व्यास की मौजूदा सीवर पाइप लाइन की मशीन वाउंड स्पाइरल लाइनिंग (एमडब्ल्यूएसएल) तकनीक से मरम्मत की जाएगी।
सेक्टर-39/46 (नेताजी सुभाषचंद्र रोड) के साथ गुजर रही मास्टर सीवर लाइन ईंटों से बनी हुई है और बीस साल पुरानी होने से जर्जर हो चुकी है। ऐसे में पानी लीकेज होने के कारण सड़क धंसने की समस्या सामने आती है। ऐसे में अब जीएमडीए मशीन वाउंड स्पाइरल लाइनिंग तकनीक की मदद से करीब 1.5 किलोमीटर लाइन को ठीक कराने जा रहा है। मास्टर सीवर लाइन के पुनर्वास से सीवर व्यवस्था को मजबूत करने और लाइन में होने वाली लीकेज तथा अन्य तकनीकी समस्याओं को दूर करने में मदद मिलेगी। खास बात यह है कि इसके लिए पूरी सीवर लाइन को खोदकर बदलने की जरूरत नहीं होगी। एमडब्ल्यूएसएल तकनीक के माध्यम से मौजूदा पाइप लाइन के भीतर ही लाइनिंग कर उसे मजबूत किया जाएगा।
जीएमडीए ने इस कार्य की अनुमानित लागत 8.20 करोड़ रुपये निर्धारित की है। इसमें तीन वर्ष की डिफेक्ट लायबिलिटी अवधि भी शामिल है। इस दौरान कार्य में किसी तरह की खामी सामने आने पर संबंधित एजेंसी को उसे अपने स्तर पर ठीक करना होगा। ठेकेदार को दो साल में कार्य को पूरा करना होगा। मास्टर रोड के साथ स्थित यह सीवर लाइन आसपास के सेक्टरों की सीवर व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता भीम ने बताया कि कार्य को सिरे चढ़ाने के लिए टेंडर जारी किया गया है। यह लाइन काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी है। ऐसे में एमडब्ल्यूएसएल तकनीक से ठीक कराने की योजना है।
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सड़क या जमीन की खुदाई नहीं करनी पड़ेगी
मशीन वाउंड स्पाइरल लाइनिंग (एमडब्ल्यूएसएल) एक आधुनिक ट्रेंचलेस तकनीक है। इसमें पुरानी सीवर या ड्रेनेज पाइप लाइन को बदलने के लिए सड़क या जमीन की खुदाई नहीं करनी पड़ती। मौजूदा मैनहोल के रास्ते पाइप लाइन के अंदर विशेष वाइंडिंग मशीन पहुंचाई जाती है। जमीन के ऊपर से पीवीसी या एचडीपीई की लगातार पट्टी मशीन तक पहुंचाई जाती है। मशीन इन पट्टियों के किनारों को आपस में लॉक कर पुराने पाइप के अंदर ही एक नई और मजबूत पाइप लाइन तैयार करती है। इस तकनीक से सड़क की खुदाई से होने वाली परेशानी कम होती है। पुरानी पाइप लाइन के अंदर नई लाइनिंग तैयार होने से उसकी मजबूती और संचालन क्षमता में सुधार होता है।
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सेक्टर-39/46 के बीच मास्टर रोड के साथ गुजर रही है बीस साल पुरानी मास्टर सीवर लाइन
जीएमडीए ने 8.20 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर-39/46 के बीच मास्टर रोड के साथ गुजर रही करीब बीस साल पुरानी मास्टर सीवर लाइन को ठीक कराया जाएगा। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की ओर से इसके लिए करीब 8.20 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है। परियोजना के तहत 750 और 900 एमएम व्यास की मौजूदा सीवर पाइप लाइन की मशीन वाउंड स्पाइरल लाइनिंग (एमडब्ल्यूएसएल) तकनीक से मरम्मत की जाएगी।
सेक्टर-39/46 (नेताजी सुभाषचंद्र रोड) के साथ गुजर रही मास्टर सीवर लाइन ईंटों से बनी हुई है और बीस साल पुरानी होने से जर्जर हो चुकी है। ऐसे में पानी लीकेज होने के कारण सड़क धंसने की समस्या सामने आती है। ऐसे में अब जीएमडीए मशीन वाउंड स्पाइरल लाइनिंग तकनीक की मदद से करीब 1.5 किलोमीटर लाइन को ठीक कराने जा रहा है। मास्टर सीवर लाइन के पुनर्वास से सीवर व्यवस्था को मजबूत करने और लाइन में होने वाली लीकेज तथा अन्य तकनीकी समस्याओं को दूर करने में मदद मिलेगी। खास बात यह है कि इसके लिए पूरी सीवर लाइन को खोदकर बदलने की जरूरत नहीं होगी। एमडब्ल्यूएसएल तकनीक के माध्यम से मौजूदा पाइप लाइन के भीतर ही लाइनिंग कर उसे मजबूत किया जाएगा।
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जीएमडीए ने इस कार्य की अनुमानित लागत 8.20 करोड़ रुपये निर्धारित की है। इसमें तीन वर्ष की डिफेक्ट लायबिलिटी अवधि भी शामिल है। इस दौरान कार्य में किसी तरह की खामी सामने आने पर संबंधित एजेंसी को उसे अपने स्तर पर ठीक करना होगा। ठेकेदार को दो साल में कार्य को पूरा करना होगा। मास्टर रोड के साथ स्थित यह सीवर लाइन आसपास के सेक्टरों की सीवर व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता भीम ने बताया कि कार्य को सिरे चढ़ाने के लिए टेंडर जारी किया गया है। यह लाइन काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी है। ऐसे में एमडब्ल्यूएसएल तकनीक से ठीक कराने की योजना है।
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सड़क या जमीन की खुदाई नहीं करनी पड़ेगी
मशीन वाउंड स्पाइरल लाइनिंग (एमडब्ल्यूएसएल) एक आधुनिक ट्रेंचलेस तकनीक है। इसमें पुरानी सीवर या ड्रेनेज पाइप लाइन को बदलने के लिए सड़क या जमीन की खुदाई नहीं करनी पड़ती। मौजूदा मैनहोल के रास्ते पाइप लाइन के अंदर विशेष वाइंडिंग मशीन पहुंचाई जाती है। जमीन के ऊपर से पीवीसी या एचडीपीई की लगातार पट्टी मशीन तक पहुंचाई जाती है। मशीन इन पट्टियों के किनारों को आपस में लॉक कर पुराने पाइप के अंदर ही एक नई और मजबूत पाइप लाइन तैयार करती है। इस तकनीक से सड़क की खुदाई से होने वाली परेशानी कम होती है। पुरानी पाइप लाइन के अंदर नई लाइनिंग तैयार होने से उसकी मजबूती और संचालन क्षमता में सुधार होता है।