इंदिरापुरम के वैभवखंड के जीसी ग्रांड सोसायटी निवासी गोल्डन बाबा 21 किलो सोना पहने हुए कांवड़ यात्रा में आकर्षण का केंद्र बने रहते थे। कांवड़ यात्रा में जल ले जाने और वहां से लौटने के दौरान उन्हें एक झलक देखने के लिए सड़कों पर लोगों का हुजूम लग जाता था। वह 2019 में 26वीं कांवड़ हरिद्वार से लेकर लौटे थे।
कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस की सुरक्षा में गोल्डन बाबा का काफिला निकलता था। वह हर बार सावन में हरिद्वार से दिल्ली कांवड़ लेकर जाते थे। गाजियाबाद निवासी होने के चलते वह यहां कुछ देर के लिए रुकते भी थे।
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golden baba
- फोटो : अमर उजाला
पिछले साल गर्दन में दिक्कत के चलते डॉक्टरों की सलाह पर उन्होंने कम सोना पहनकर कांवड़ यात्रा की थी। यात्रा के दौरान वह जरूरतमंदों की मदद भी करते थे। लोग उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए उत्सुक रहते थे। बाबा भी बड़े शौक से अपना काफिला रोककर लोगों के गले में चेन डालकर आशीर्वाद देते और आगे बढ़ जाते थे। मगर इस बार बीमारी के चलते सावन से पूर्व ही उन्होंने संसार को अलविदा कह दिया।
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बच्चों के साथ फोटो खिंचवाते गोल्डन बाबा
- फोटो : amarujala
बाबा के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर शातिरों ने की थी ठगी
फरवरी, 2020 में गोल्डन बाबा की फोटो और उनके नाम से हरियाणा के सोनीपत निवासी शातिर युवक ने फेसबुक आईडी बना ली थी। इसके बाद उसने बाबा के नाम से परिचितों व श्रद्धालुओं को मैसेज भेजकर सट्टे का नंबर देने के नाम पर रुपये ठगी थी।
इंदिरापुरम पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को सोनीपत से गिरफ्तार कर मोबाइल बरामद किया था। बाबा ने इंदिरापुरम थाने पहुंचकर पुलिस की कार्रवाई को सराहा भी था। इस दौरान उन्होंने करीब छह किलो सोना ही धारण किया हुआ था। तब उन्होंने बताया था कि बीमारी के चलते डाक्टर ने कम सोना पहनने की सलाह दी थी।