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Delhi NCR News: मरीजों के अधिकारों के लिए उठी राष्ट्रीय पेशेंट चार्टर की मांग
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आईएचडब्ल्यू काउंसिल और इंडियन मेडिकल पार्लियामेंटेरियंस फोरम की बैठक में उठे मरीजों के स्वास्थ्य अधिकारों के मुद्दे
नई दिल्ली। आईएचडब्ल्यू काउंसिल और इंडियन मेडिकल पार्लियामेंटेरियंस फोरम ने मरीजों के हक और बेहतर इलाज की मांग को लेकर राष्ट्रीय पेशेंट चार्टर बनाने की मांग की है। इसमें महंगे इलाज के लिए सरकारी बीमा योजनाओं को एक साथ लाने, मरीजों को क्लीनिकल ट्रायल तक पहुंच देने और नवजात और दुर्लभ बीमारियों की जांच बढ़ाने की बात कही गई। संगठन ने कहा कि फेफड़ों के कैंसर, थैलेसीमिया, एसएमए और एएलएस जैसी बीमारियों का इलाज बहुत महंगा है। इसे आयुष्मान भारत और सीजीएचएस जैसी सरकारी योजनाओं में शामिल किया जाना चाहिए। इसके साथ ही नवजात शिशुओं की जांच और ऑटिज्म जैसी समस्याओं की समय पर पहचान करने की महत्ता पर भी जोर दिया गया।
आईएचडब्ल्यू काउंसिल के सीईओ कमल नारायण ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था मरीज को ध्यान में रखकर बननी चाहिए। सांसद डॉ. शिवाजी कालगे ने कहा कि नीतियां बनाते समय जमीनी हकीकत और मरीजों की आवाज सुनना जरूरी है। कैंसर के लिए काम करने वाले डॉ. विवेक तोमर ने कहा कि इलाज इस बात पर निर्भर नहीं होना चाहिए कि मरीज कितना पैसा खर्च कर सकता है। संगठन ने बताया कि 23 अक्तूबर को मुंबई में छठवां पेशेंट फर्स्ट समिट 2026 आयोजित होगा।
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नई दिल्ली। आईएचडब्ल्यू काउंसिल और इंडियन मेडिकल पार्लियामेंटेरियंस फोरम ने मरीजों के हक और बेहतर इलाज की मांग को लेकर राष्ट्रीय पेशेंट चार्टर बनाने की मांग की है। इसमें महंगे इलाज के लिए सरकारी बीमा योजनाओं को एक साथ लाने, मरीजों को क्लीनिकल ट्रायल तक पहुंच देने और नवजात और दुर्लभ बीमारियों की जांच बढ़ाने की बात कही गई। संगठन ने कहा कि फेफड़ों के कैंसर, थैलेसीमिया, एसएमए और एएलएस जैसी बीमारियों का इलाज बहुत महंगा है। इसे आयुष्मान भारत और सीजीएचएस जैसी सरकारी योजनाओं में शामिल किया जाना चाहिए। इसके साथ ही नवजात शिशुओं की जांच और ऑटिज्म जैसी समस्याओं की समय पर पहचान करने की महत्ता पर भी जोर दिया गया।
आईएचडब्ल्यू काउंसिल के सीईओ कमल नारायण ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था मरीज को ध्यान में रखकर बननी चाहिए। सांसद डॉ. शिवाजी कालगे ने कहा कि नीतियां बनाते समय जमीनी हकीकत और मरीजों की आवाज सुनना जरूरी है। कैंसर के लिए काम करने वाले डॉ. विवेक तोमर ने कहा कि इलाज इस बात पर निर्भर नहीं होना चाहिए कि मरीज कितना पैसा खर्च कर सकता है। संगठन ने बताया कि 23 अक्तूबर को मुंबई में छठवां पेशेंट फर्स्ट समिट 2026 आयोजित होगा।
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