गुजरात के सांवली में तैयार हो रही स्वदेशी तकनीक पर आधारित मेरठ मेट्रो ट्रेन के पांच सेट का शनिवार को दुहाई डिपो में एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल अनावरण किया। मेट्रो ट्रेनसेट का बाहरी भाग फ्लोर सेट हरे, नीले और नारंगी रंग का है। खास बात यह है कि मेट्रो ट्रेन में नमो भारत ट्रेन की तरह सभी अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। 2025 तक मेट्रो का संचालन मेरठ में शुरू हो जाएगा।
देखें अंदर की तस्वीरें: मेरठ मेट्रो कोच का दुहाई डिपो में हुआ अनावरण, 2025 में शुरू हो जाएगा संचालन
एमडी शलभ गोयल ने बताया कि मेरठ में 23 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर बनाया जा रहा है। इस कॉरिडोर पर 13 स्टेशन बनाए जा रहे हैं। 18 किलोमीटर एलिवेटेड और पांच किलोमीटर भूमिगत ट्रैक बिछाया जा रहा है। एलिवेटेड पर नौ और तीन भूमिगत स्टेशन रहेगा। एक डिपो भी बनाया जा रहा है। यह मेट्रो ट्रेन मेरठ के दक्षिणी छोर से उत्तरी छोर की दूरी महज 30 मिनट में पूरी कर लेगी। उन्होंने बताया कि आरआरटीएस और मेट्रो परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। 2025 तक दिल्ली के सराय कालेखां से मेरठ तक नमो भारत ट्रेन दौड़ने लगेगी।
मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी, शताब्दीनगर, ब्रह्मपुरी, मेरठ सेंट्रल, भैंसाली, बेगमपुल, एमईएस कॉलोनी, दौरली, मेरठ नार्थ, मोदीपुरम, और मोदीपुरम डिपो।
ट्रेन में व्हीलचेयर और प्राथमिक उपचार की रहेगी सुविधा
मेरठ मेट्रो ट्रेन में बीमार, वृद्ध और दिव्यांग लोगों के लिए व्हीलचेयर- स्ट्रेचर और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था रहेगी। पैसेंजर इमरजेंसी कम्युनिकेशन डिवाइस सिस्टम, सभी दरवाजों पर पुश बटन,अग्निशमन यंत्र, अलार्म, टॉक-बैक सिस्टम जैसे सुरक्षा उपकरण लगाए गए हैं। मेट्रो स्टेशनों पर प्लेटफार्म स्क्रीन डोर लगाए जाएंगे।
मेरठ में चार स्टेशनों से जुड़ रहा मेट्रो स्टेशन
मेरठ मेट्रो नमो भारत ट्रेन के चार स्टेशनों से जुड़ेगी। मेरठ साउथ, शताब्दीनगर, बेगमपुल, और मोदीपुरम पर यात्री नमो भारत ट्रेन से उतरकर मेट्रो ट्रेन पर सवार हो सकेंगे। तीन कोच वाली मेट्रो में 173 सीटें हैं। 700 से अधिक यात्रियों के सफर करने की व्यवस्था की गई है।